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Dispute over burial at Charama Christian cemetery; police and administration officials arrive at the scene.
कांकेर। कांकेर जिले के चारामा स्थित ईसाई कब्रिस्तान में दूसरे गांव के एक व्यक्ति का शव दफनाने को लेकर गुरुवार को हिंदू समाज और ईसाई समुदाय के बीच विवाद की स्थिति बन गई। ग्राम चिनौरी निवासी 55 वर्षीय सोहन कोराम की मृत्यु के बाद परिजन और स्थानीय पादरी शव को दफनाने के लिए चारामा के ईसाई कब्रिस्तान पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलते ही चारामा सर्व हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और बाहरी गांव के शव को कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध शुरू कर दिया।
सोहन कोराम आदिवासी समाज से थे और ईसाई धर्म का पालन करते थे। निधन के बाद उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को चारामा स्थित ईसाई कब्रिस्तान लेकर पहुंचे। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने दूसरे गांव के व्यक्ति का शव यहां दफनाने पर आपत्ति जताई। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि मृतक का अंतिम संस्कार उसके गांव में ही किया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मौके पर तनाव की स्थिति बनने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन ने पूर्व में जारी निर्देशों और हुए समझौते का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि चारामा के ईसाई कब्रिस्तान में दूसरे गांव के शव को दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले भी बाहरी गांव के शवों को यहां दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है।
प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद मृतक के स्वजन शव को वापस लेकर चले गए। फिलहाल कब्रिस्तान परिसर में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।