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Drought-like conditions in half of the country.
नई दिल्ली/रायपुर। देश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से कई राज्यों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जून के तीसरे सप्ताह तक सामान्य तौर पर देश के बड़े हिस्से को कवर कर लेने वाला मानसून इस बार लगभग 12 दिनों से ठहराव की स्थिति में है। इसके चलते देश के कई राज्यों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक जून से 19 जून के बीच देश में औसतन करीब 41 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कम बारिश का असर खेती, मिट्टी की नमी, पेयजल उपलब्धता और जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज आंधी की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 23-24 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद मानसून फिर सक्रिय हो सकता है, जिससे महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।