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FIR registered against 12 people in Bilaspur for attempting to claim compensation by passing off a death caused by illness as a snakebite.
बिलासपुर। सर्पदंश से मृत्यु होने पर मिलने वाली सरकारी सहायता राशि का लाभ लेने के लिए मौत के वास्तविक कारणों को छिपाकर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को जिले के अलग-अलग थानों में कुल 12 प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।
प्रशासन को शिकायतें मिलने और प्रारंभिक स्तर पर संदेह होने के बाद संबंधित मामलों की विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान दस्तावेजों, स्वास्थ्य अभिलेखों, मृत्यु की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। इसमें कई मामलों में यह पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों की मौत बीमारी या अन्य सामान्य कारणों से हुई थी, लेकिन सरकारी सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्हें सर्पदंश से हुई मृत्यु के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदेश में सर्वाधिक सर्पदंश के मामले बिलासपुर जिले से सामने आने के बाद यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा था। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कराई। जांच के दौरान कई मामलों में दलालों की भूमिका भी सामने आई, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सर्पदंश के प्रकरण बनवाने में मदद की।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर अलग-अलग थानों में 12 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सहायता योजनाओं का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देकर लाभ लेने का प्रयास न करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।