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Major change in Class III and IV recruitment; Staff Selection Board to handle selection now.
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई एकीकृत भर्ती व्यवस्था लागू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार पटवारी, शिक्षक, आरक्षक, सहायक ग्रेड-3, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, छात्रावास अधीक्षक से लेकर उप अभियंता तक विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विभागों से मांग-पत्र प्राप्त होने के बाद पदों की प्रकृति के अनुसार कॉमन पात्रता परीक्षा और संकाय-विशेष परीक्षाओं का आयोजन करेगा। भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए पदों को सात अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया गया है।
इंजीनियरिंग सेवा वर्ग के अंतर्गत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और माइनिंग शाखा के उप अभियंता पदों के लिए तीन वर्षीय डिप्लोमा अथवा बीई/बीटेक की योग्यता अनिवार्य की गई है। वहीं सहायक प्रबंधक, श्रम निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक, खेल अधिकारी और पर्यवेक्षक जैसे पदों के लिए स्नातक अथवा भर्ती नियमों में निर्धारित विषयगत योग्यता आवश्यक होगी।
सरकार ने सहायक ग्रेड-3, कनिष्ठ सचिवालय सहायक, पंजीयन लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, पटवारी तथा छात्रावास अधीक्षक जैसे पदों के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित कर दी हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और अभ्यर्थियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकेंगे।
शिक्षक भर्ती में सहायक शिक्षक पद के लिए उच्चतर माध्यमिक, शिक्षक पद के लिए स्नातक तथा व्याख्याता पद के लिए स्नातकोत्तर योग्यता निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा विभाग में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित होगी।
उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर पदों के लिए स्नातक के साथ निर्धारित शारीरिक अर्हताओं को अनिवार्य रखा गया है। वहीं आरक्षक, जेल प्रहरी, वनरक्षक और फायरमैन जैसे पदों के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय कर दी गई है।
राज्य सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समान बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने से अभ्यर्थियों को अलग-अलग विभागों की भर्तियों के लिए अलग मानदंडों का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और निष्पक्ष बन सकेगी।