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ED files sixth charge sheet in Mahadev online betting network case, alleging illegal earnings of ₹94,000 crore; key accused arrested upon return from Dubai.
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने गुरुवार को रायपुर की विशेष अदालत में छठा आरोप पत्र दाखिल किया। एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि महादेव एप से जुड़ा मुख्य सट्टेबाजी नेटवर्क अब भी सक्रिय है और अलग-अलग जगहों पर बड़ी संख्या में पैनल संचालित किए जा रहे है। इस मामले में ईडी ने 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया है।
ईडी के मुताबिक, महादेव एप और उससे जुड़ी वेबसाइटों के जरिए पिछले कुछ वर्षों में कथित तौर पर 94,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की गई। जांच एजेंसी ने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक महादेव एप से होने वाली कथित कमाई का अनुमान करीब 75 से 80 हजार करोड़ रुपये है।चार्जशीट में महादेव नेटवर्क से जुड़ी कथित सिस्टर वेबसाइट स्काई एक्सचेंज डॉट कॉम से करीब 11 से 12 हजार करोड़ रुपये और लोटस 365 डॉट कॉम से लगभग 2,400 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान भी लगाया गया है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े शुरुआती जांच के आधार पर लगाए गए अनुमान है और आगे मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर इनमें बदलाव हो सकता है।
जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव बुक विदेश में होस्ट की गई कथित गैरकानूनी सट्टेबाजी वेबसाइटों का नेटवर्क है। इसके प्रचार और संचालन के लिए WhatsApp और Telegram के बंद ग्रुप, फेसबुक पेज और दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है।ईडी के आरोप पत्र में कहा गया है कि नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबाल और टेनिस सहित कई खेलों पर सट्टा लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। इसके अलावा कार्ड गेम और कुछ चुनावों से जुड़े दांव का भी उल्लेख जांच में किया गया है।
ईडी ने आरोप पत्र में कई शहरों में सक्रिय पैनल संचालकों की कथित कमाई का भी जिक्र किया है। एजेंसी के अनुसार, भिलाई, रायपुर, भोपाल और दिल्ली सहित अलग-अलग शहरों से नेटवर्क चलाने वाले कुछ लोगों ने कथित तौर पर करीब 3.5 करोड़ रुपये से लेकर 60 करोड़ रुपये तक की कमाई की।चार्जशीट में स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों को लेकर जांच एजेंसी ने अपनी जांच और जुटाए गए साक्ष्यों का हवाला दिया है।
इसी मामले में महादेव सट्टा एप से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल अभिषेक कुमार को सीबीआई ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया। बताया गया कि अभिषेक गुरुवार को दुबई से भारत लौटा था। एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही सीबीआई टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी में जांच एजेंसी को कई डिजिटल साक्ष्य और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया गया है। सीबीआई के अनुसार, अभिषेक कथित तौर पर महादेव एप के प्रमुख आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था।
सीबीआई ने अभिषेक पर सट्टेबाजी से कथित तौर पर अर्जित रकम का इस्तेमाल दुबई में अचल संपत्ति खरीदने के लिए किए जाने का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया। अदालत ने अभिषेक को दो दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
महादेव सट्टा एप मामले में ईडी और सीबीआई की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। नई चार्जशीट में जहां कथित वित्तीय लेनदेन और डिजिटल नेटवर्क का विस्तृत उल्लेख किया गया है, वहीं नए आरोपियों और पैनल संचालकों के सामने आने से जांच का दायरा भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब एजेंसियों की जांच कथित नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर केंद्रित है।