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ED's interrogation of Jai Bagga and Vaibhav Golchha begins in liquor scam
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने राजनांदगांव के दो कारोबारियों जय बग्गा और वैभव गोलछा से पूछताछ शुरू कर दी है। शुक्रवार को दोनों के आवास पर छापेमारी के बाद अधिकारियों ने उन्हें रायपुर स्थित ईडी कार्यालय लाकर पूछताछ की।
ईडी की जांच का मुख्य फोकस पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के करीबियों के निवेश और वित्तीय लेन-देन पर है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि शराब घोटाले से जुड़े कथित अवैध धन का निवेश किन कारोबारियों और संस्थाओं के माध्यम से किया गया।

मोबाइल संपर्क और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसी
जांच एजेंसी दोनों कारोबारियों के व्यावसायिक नेटवर्क, संपत्तियों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर कारोबारियों के व्यावसायिक लेन-देन और संपत्तियों के स्रोत का मिलान किया जा रहा है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अलग-अलग कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर कहीं निवेश तो नहीं किया गया। इसके लिए मोबाइल फोन से मिले संपर्कों और वित्तीय रिकॉर्ड के बीच संबंध तलाशे जा रहे हैं, ताकि लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
कवासी लखमा के करीबियों पर जांच का फोकस
ईडी का मुख्य फोकस अब जय बग्गा और वैभव गोलछा के माध्यम से पूर्व मंत्री कवासी लखमा के वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल करना है। एजेंसी राजनीतिक और कारोबारी संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान शराब घोटाले से जुड़े कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
फिलहाल दोनों कारोबारियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।