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Election held via ballot paper, yet Congress lost all four seats; completely wiped out in Karnataka.
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद के चार निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस चारों सीटों पर हार गई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीन और जनता दल सेक्युलर (JDS) ने एक सीट पर जीत दर्ज की। खास बात यह है कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। नतीजों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने कांग्रेस की EVM को लेकर उठाई जाने वाली आपत्तियों पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
कर्नाटक में भाजपा और जेडीएस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। दोनों दलों ने कांग्रेस उम्मीदवारों को हराकर चारों सीटें अपने नाम कर लीं। इन नतीजों को कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी लगातार चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग करती रही है।
BJP ने तीन सीटें जीतीं, JDS के खाते में एक सीट
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। वहीं, जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार को हराया।
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीएस के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के एमएलसी पुट्टन्ना को शिकस्त दी। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए।
इस सीट पर कुल 27,405 मतदाताओं में से 22,468 ने मतदान किया था। मतदान प्रतिशत 81.98 रहा। इनमें 21,056 मत वैध पाए गए, जबकि 1,857 मत अवैध घोषित किए गए।
भाजपा के तीन उम्मीदवारों ने कांग्रेस को हराया
उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के मौजूदा विधान परिषद सदस्य शशिल जी नामोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मट्टूर को हराया। नामोशी को 15,596 वोट मिले, जबकि मट्टूर को 12,299 वोट हासिल हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 3,297 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के केएम सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार शशि हुलिकुंते मठ को बड़े अंतर से हराया। इस सीट पर सुरेश की जीत का अंतर 23 हजार से अधिक वोट बताया गया है।
वहीं, पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के एसवी संकनूर ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिंबिकई को 9,323 वोटों से शिकस्त दी। इस तरह भाजपा ने तीनों सीटों पर कब्जा जमाया।
निखिल कुमारस्वामी ने राहुल गांधी पर कसा तंज
चुनाव परिणामों के बाद जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार राहुल गांधी EVM पर आरोप नहीं लगा पाएंगे, क्योंकि चुनाव बैलेट पेपर से हुए हैं।
निखिल ने अपने बयान में कहा कि राज्य की सत्ता कांग्रेस के हाथों में है और मतदान बैलेट पेपर से कराया गया, इसके बावजूद NDA समर्थित एपी रंगनाथ ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। उन्होंने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस क्या बहाना देगी।
उन्होंने भाजपा और जेडीएस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को जीत की बधाई भी दी।
बैलेट पेपर की मांग के बीच कांग्रेस के लिए चुनौती
कांग्रेस लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और EVM की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी की ओर से कई मौकों पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की गई है। ऐसे में बैलेट पेपर से हुए कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में चारों सीटों पर हार ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
इससे पहले असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी पार्टी पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों में भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है।
कर्नाटक के नतीजों के बाद एक बार फिर EVM और बैलेट पेपर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, विधान परिषद की इन चार सीटों के परिणाम अपने आप में पूरे राज्य या देश के चुनावी रुझान का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।