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UAE honors Indian captain
दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के चालक दल के अन्य सदस्यों को ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद 2’ से सम्मानित किया है। दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान जानलेवा हमले की कोशिश के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में दिखाए गए साहस के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया।
दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। बयान के मुताबिक, दुबई के युवराज, UAE के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने राष्ट्रपति की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में पदक प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने चालक दल के साहस, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से किया हमला
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से अधिक लोग सवार थे। इसी दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में आपात स्थिति के लिए रखी कुल्हाड़ी से भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, हमले के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी सह-पायलट ओमान का नागरिक था। उसने धारदार हथियार से कैप्टन पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा।
30 सेकंड से भी कम समय में 14 हजार फीट नीचे आया विमान
हमले के दौरान विमान की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। बताया गया कि विमान 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया। कैप्टन स्मित मच्छार खून से लथपथ हालत में कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी बची हुई ताकत जुटाकर कॉकपिट के दरवाजे का लॉक खोल दिया।
इससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को आरोपी सह-पायलट पर काबू पाने में मदद मिली। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन की इस कोशिश ने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया विमान
घटना के बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलटों ने मोर्चा संभाला और विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतार लिया। इस तरह विमान में सवार 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में चालक दल की भूमिका अहम रही।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के अन्य सदस्यों को दिया गया सम्मान उनके साहस और संकट की घड़ी में दिखाई गई जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।