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Jan Suraaj enters the Bihar Legislative Council; Prashant Kishor’s party deals a major blow to the Congress.
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। बिहार विधान परिषद की दरभंगा शिक्षक निर्वाचन सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराकर जीत हासिल की है। इस जीत को जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि मदन मोहन झा पिछले दो चुनावों से इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे थे।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के दौरान सुरेश प्रसाद राय ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहली वरीयता के मतों की गिनती में आगे निकलने के बाद उन्होंने अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी और जीत हासिल की।
चुनाव में सुरेश प्रसाद राय को 2,574 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मदन मोहन झा को 2,187 वोट प्राप्त हुए। इस तरह जन सुराज के उम्मीदवार ने 324 वोटों के अंतर से चुनाव जीत लिया। CPM के उम्मीदवार रामदेव राय को 1,498 वोट मिले, जबकि RJD के उम्मीदवार कुमार राउत को केवल 126 वोट प्राप्त हुए। मतगणना पूरी होने से पहले ही मदन मोहन झा मतगणना केंद्र से बाहर चले गए।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में सत्ताधारी NDA को पांच सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि एक सीट जन सुराज के खाते में गई है।
इस परिणाम से जन सुराज को बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिला है। हाल ही में हुए उपचुनावों में भी पार्टी ने विधानसभा की एक सीट पर जीत हासिल की थी। प्रशांत किशोर, जो राजनीतिक रणनीतिकार से सक्रिय राजनेता बने हैं, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM के उम्मीदवार भी मैदान में थे। तीनों दलों के अलग-अलग उम्मीदवार उतारने से विपक्षी वोटों का बंटवारा हुआ, जिसका फायदा जन सुराज को मिला।
दरअसल, RJD ने शुरुआत में इस सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। लेकिन कांग्रेस की ओर से पांच निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े करने के फैसले के बाद RJD ने कुमार राउत को मैदान में उतार दिया। वहीं, CPM ने रामदेव राय को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
इस तरह विपक्षी दलों के बीच मुकाबले ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया। अंततः जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा MLC को हराकर जीत हासिल कर ली।
मदन मोहन झा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पिछले दो चुनाव जीत चुके थे। वह बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और महागठबंधन सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
उनकी हार से कांग्रेस को विधान परिषद में अपना एक सदस्य गंवाना पड़ेगा। इस नतीजे के बाद पार्टी की परिषद में मौजूदगी और कमजोर होगी।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन में शामिल दलों के बीच कई सीटों पर दोस्ताना मुकाबले देखने को मिले थे। करीब एक दर्जन सीटों पर गठबंधन के सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। इन सीटों पर NDA के उम्मीदवारों को जीत मिली थी।
विधान परिषद चुनाव में भी कांग्रेस और RJD के बीच कई निर्वाचन क्षेत्रों में सीधा मुकाबला देखने को मिला। दोनों दलों ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे।
दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस का कब्जा था, जबकि RJD के पास यहां कोई सीट नहीं थी। इसके बावजूद दोनों दलों के अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतरने से विपक्षी वोटों में बिखराव हुआ।
कुल मिलाकर, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम जन सुराज के लिए बड़ी उपलब्धि और कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है। इस जीत से प्रशांत किशोर की पार्टी को विधान परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का मौका मिला है। साथ ही, विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी एक बार फिर चुनावी नतीजों में अहम मुद्दा बनकर सामने आई है।