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Elections 2026: The electoral battle begins, a major test of democracy in Bengal and Tamil Nadu today
नई दिल्ली। देश के दो अहम राज्यों में आज लोकतंत्र का बड़ा उत्सव देखने को मिलेगा। एक तरफ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू होगी, वहीं तमिलनाडु में सभी सीटों पर एक साथ मतदान कराया जाएगा। दोनों राज्यों में मतदाताओं का उत्साह चरम पर है और चुनाव आयोग ने सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
बंगाल में 152 सीटों पर कड़ी निगरानी, सुरक्षा के घेरे में हर बूथ
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान हो रहा है। इसमें उत्तर बंगाल के 8 जिले, दक्षिण बंगाल के 3 जिले और जंगलमहल क्षेत्र के 5 जिले शामिल हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए 2407 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं। खास बात यह है कि पूर्व मेदिनीपुर जिले में सबसे ज्यादा 273 कंपनियां लगाई गई हैं।
हर मतदान केंद्र को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह मजबूत बनाया गया है। बूथ के 100 मीटर के दायरे में केंद्रीय बलों की सख्त निगरानी रहेगी। प्रत्येक बूथ पर चार जवान तैनात रहेंगे, जो हर गतिविधि पर नजर बनाए रखेंगे।
क्विक रिस्पांस टीम की तैनाती, गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई
किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी से निपटने के लिए 2193 क्विक रिस्पांस टीमें तैयार रखी गई हैं। हर 10 से 12 बूथ पर एक टीम को जिम्मेदारी दी गई है। जैसे ही किसी इलाके से शिकायत मिलेगी, टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात संभालेगी।
मतदान प्रक्रिया में दो स्तर पर जांच, छेड़छाड़ पर सख्त चेतावनी
मतदान केंद्रों पर पहचान पत्र की जांच दो चरणों में होगी। पहले केंद्रीय बल के जवान सत्यापन करेंगे और फिर बूथ के अंदर चुनाव अधिकारी जांच करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़, जैसे बटन पर रसायन या अन्य पदार्थ लगाने की कोशिश, गंभीर अपराध मानी जाएगी। ऐसे मामलों में मतदान रद्द कर पुनर्मतदान कराया जा सकता है।
तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान, 5.73 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला
तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोटिंग हो रही है। यहां 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता 4023 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेंगे। राज्य में मुकाबला मुख्य रूप से द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधन के बीच है।
सत्ता बचाने और वापसी की जंग, नेताओं के बड़े दावे
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भरोसा जताया है कि उनकी सरकार फिर से सत्ता में लौटेगी और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। वहीं अन्नाद्रमुक के नेता ईके पलानीस्वामी ने मतदाताओं, खासकर युवाओं से अपील की है कि वे सोच समझकर अपने प्रतिनिधि का चयन करें।
लोकतंत्र का उत्सव, जनता के फैसले पर टिकी सबकी नजर
दोनों राज्यों में मतदान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अब सबकी नजर मतदाताओं के फैसले पर है, जो आने वाले दिनों में दोनों राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेगा।