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Energy security threatened: India's crude oil reserves low, committee expresses concern
नई दिल्ली। देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक अहम मुद्दा सामने आया है। क्रूड ऑयल भंडार भारत में अपेक्षित स्तर से कम पाया गया है, जिससे आपातकालीन स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संसदीय समिति ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।
90 दिन के बजाय सिर्फ 74 दिन का भंडार
समिति के अनुसार, वैश्विक मानकों के तहत देश में कम से कम 90 दिनों की खपत के बराबर पेट्रोलियम भंडार होना चाहिए। हालांकि, वर्तमान में भारत के पास कुल 74 दिनों का ही भंडार उपलब्ध है। इसमें 9.5 दिन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) और 64.5 दिन का स्टॉक सरकारी तेल कंपनियों के पास है।
रणनीतिक भंडार परियोजनाओं की धीमी प्रगति
क्रूड ऑयल भंडार भारत को मजबूत करने के लिए विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पाडुर में भंडार बनाए गए हैं। वहीं, ओडिशा के चांदीखोल और कर्नाटक के पाडुर में नए भंडार की योजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन पांच साल बाद भी इन परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। बजट आवंटन में कटौती और खर्च की कमी भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
LPG सप्लाई को लेकर भी चिंता
सरकार ने बताया कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, लेकिन एलपीजी आपूर्ति की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई जगहों पर गैस वितरण में देरी और लंबी कतारों की समस्या सामने आ रही है।