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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है। एयर इंडिया ने जेट ईंधन और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए फ्लाइट टिकट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 12 मार्च से लागू होंगी।
एयरलाइन के मुताबिक, अब यात्रियों को डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ानों के टिकट पर 400 से लेकर 3000 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना पड़ेगा। यह बढ़ोतरी चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और फिलहाल इसे फेज-1 और फेज-2 के तहत लागू किया जा रहा है।
किन रूट्स पर कितना बढ़ेगा किराया
एयर इंडिया के अनुसार विभिन्न रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज इस प्रकार बढ़ाया गया है-
डोमेस्टिक और SAARC देशों की उड़ानें: करीब 399 रुपये तक अतिरिक्त
पश्चिम एशिया की उड़ानें: 10 डॉलर सरचार्ज
दक्षिण-पूर्व एशिया की उड़ानें: 20 डॉलर सरचार्ज
अफ्रीका की उड़ानें: 30 डॉलर सरचार्ज
क्यों बढ़ा फ्यूल चार्ज
एयरलाइन कंपनियों के कुल संचालन खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी लगभग 30 से 40 प्रतिशत होती है। 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल और जेट ईंधन की कीमतों में तेजी आई है। पहले जहां जेट फ्यूल के दाम 85-90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थे, वहीं अब यह बढ़कर 150-200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
इसके अलावा दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले उच्च उत्पाद शुल्क और वैट से भी एयरलाइन कंपनियों की लागत बढ़ गई है।
LPG बुकिंग नियम में भी बदलाव
इससे पहले केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया था। पैनिक बुकिंग के कारण मांग बढ़ने के बाद तेल कंपनियों ने लॉक-इन पीरियड 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है, ताकि गैस सिलेंडर की जमाखोरी रोकी जा सके और सभी उपभोक्ताओं को समान आपूर्ति मिल सके।
गैस सिलेंडर भी हुआ महंगा
सरकारी तेल कंपनियों ने हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी की है। नई दरें 7 मार्च से लागू हो चुकी हैं।