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Fake international call center busted in Lucknow, 119 detained; cyber fraud worth over ₹250 crore uncovered.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 119 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें प्रोग्राम मैनेजर सहित 27 युवतियां और 92 युवक शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर अब तक 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
साइबर सेल को करीब 15 दिन पहले इस नेटवर्क के संचालन की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने लगातार निगरानी रखी। मंगलवार देर रात कई टीमों ने समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर स्थित दो कार्यालयों में एक साथ छापेमारी की। जांच में पता चला कि यहां जनवरी 2025 से बिना किसी नाम या साइनबोर्ड के कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।
जांच में खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर के कर्मचारी विशेष रूप से अमेरिका के बुजुर्ग नागरिकों को फोन करते थे। उन्हें बैंक खाते से रकम कटने, तकनीकी खराबी, पोर्नोग्राफी से जुड़े कथित मामलों या अन्य वित्तीय जोखिमों का डर दिखाकर अपने झांसे में लिया जाता था। इसके बाद समस्या के समाधान के नाम पर उनसे गिफ्ट कार्ड, डिजिटल कूपन और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे वसूले जाते थे, ताकि लेन-देन सरकारी निगरानी से बचा रहे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल उपकरण तथा बड़ी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे तंत्र का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में अहमदाबाद निवासी ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।