

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh: Fake promotion case exposed in Kawardha education department, order cancelled after 5 years
कवर्धा। कवर्धा के जिला शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमोशन का बड़ा मामला सामने आया है। यहां दो कर्मचारियों को बिना आवश्यक योग्यता और निर्धारित प्रक्रिया के सीधे सहायक ग्रेड-1 पद पर पदोन्नत कर दिया गया, और वे करीब पांच साल तक उसी पद पर कार्यरत भी रहे।
बिना प्रक्रिया के मिला प्रमोशन
जानकारी के मुताबिक, प्रमोशन के लिए जरूरी डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC), गोपनीय प्रतिवेदन (CR) और वरिष्ठता सूची जैसे अहम दस्तावेज फाइल में मौजूद ही नहीं थे। इसके बावजूद आदेश जारी कर दिए गए और उन्हें लागू भी कर दिया गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दुर्ग संभाग की जांच में खुलासा
मामले का खुलासा दुर्ग संभाग स्तर पर हुई जांच में हुआ। जांच के बाद संयुक्त संचालक ने 27 मई 2021 को जारी प्रमोशन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
जिन कर्मचारियों के प्रमोशन रद्द किए गए हैं, उनमें कनिष्ठ लेखा परीक्षक एस.के. निर्मलकर और लेखापाल जे.पी. बर्वे शामिल हैं। दोनों को नियमों के विपरीत पदोन्नति दी गई थी।
कार्रवाई के निर्देश
संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कार्रवाई की जाए।
विभागीय गड़बड़ी उजागर
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना जरूरी दस्तावेजों के प्रमोशन आदेश जारी होना और वर्षों तक उस पर कोई कार्रवाई न होना, प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।