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Farmer-friendly policies have earned Chhattisgarh a new identity; a delegation of MLAs from Maharashtra has arrived in Raipur to study the state's agricultural development model.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी योजनाओं, प्रभावी धान खरीदी व्यवस्था और कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में किसानों के लिए संचालित योजनाओं और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है। प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से खरीदी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि निवेश सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीक का उपयोग और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना सहित किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाले समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन को प्रभावी एवं अनुकरणीय बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल मॉडलों और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे अध्ययन भ्रमण राज्यों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे, संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।