

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Female doctor in Prayagraj held under ‘digital arrest’ for a month; fraudsters posing as CBI officers swindled ₹1.78 crore.
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक महिला डॉक्टर को करीब एक महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर अपने कब्जे में रखा। ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाया और उनसे करीब 1.78 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पूरा मामला जार्जटाउन इलाके के साइबर क्राइम थाने से जुड़ा है। महिला डॉक्टर के मुताबिक, करीब एक महीने पहले उन्हें एक कोरियर कंपनी के कर्मचारी के नाम से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनके नाम से एक पार्सल आया है।
इसके कुछ देर बाद उन्हें दूसरे अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में ड्रग्स बरामद हुई है।
ठगों ने महिला डॉक्टर को बताया कि इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। साथ ही धमकी दी गई कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी दी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के डर से महिला डॉक्टर दबाव में आ गईं। इसके बाद साइबर ठगों ने कथित जांच के नाम पर उनसे बैंकिंग और अन्य जरूरी जानकारियां हासिल कीं।
ठगों ने महिला डॉक्टर को लगातार डराकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बावजूद ठगों की पैसों की मांग जारी रही। करीब एक महीने तक इस तरह दबाव में रहने के बाद महिला डॉक्टर परेशान हो गईं और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
महिला डॉक्टर की शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
इस तरह के मामलों में साइबर ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल या फोन के जरिए पीड़ित को लगातार निगरानी में रखने का दबाव बनाया जाता है और पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता है। प्रयागराज का यह मामला इसी तरह की साइबर ठगी में बड़ी रकम गंवाने का उदाहरण है।