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Fierce protests by students in Jharkhand; agitators breached eight barricades to reach the Assembly complex. Political tensions escalated following a lathi-charge and the use of tear gas.
झारखंड जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला और पुलिस की कई स्तरों पर की गई बैरिकेडिंग को पार करते हुए नई विधानसभा परिसर तक पहुंच गए। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछार की, इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है।
छात्रों का मार्च सोमवार सुबह करीब नौ बजे रांची की पुरानी विधानसभा के पास से शुरू हुआ। करीब तीन किलोमीटर के रास्ते में पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। आंदोलनकारी छात्रों ने एक के बाद एक आठ बैरिकेड पार कर लिए और आखिरकार नई विधानसभा परिसर तक पहुंच गए।बताया जा रहा है कि झारखंड के गठन के बाद यह पहली बार है जब किसी प्रदर्शनकारी मार्च के इस तरह विधानसभा परिसर तक पहुंचने की स्थिति बनी। छात्रों ने मुख्य सड़क के बजाय खेतों और दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर पुलिस की घेराबंदी को पार किया।
छात्रों के विधानसभा परिसर के पास पहुंचने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की। पहले पानी की बौछार की गई और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे करीब दर्जनभर छात्र घायल हुए। लाठीचार्ज के बाद आंदोलनकारी छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इनमें कुछ छात्र पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया।पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि अब छात्रों की बातचीत सरकार की चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति से नहीं होगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि आगे केवल मुख्यमंत्री के स्तर पर ही बातचीत की जाएगी।
छात्रों के प्रदर्शन को भाजपा, आजसू और जेएलकेएम समेत विपक्षी दलों का समर्थन मिला है। भाजपा ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी मंगलवार को विधानसभा घेराव की घोषणा की है।इससे पहले भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल सहित भाजपा के सभी 21 विधायक और कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में शाम के समय उन्हें रिहा कर दिया गया।
छात्र आंदोलन के बीच जेपीएससी से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया। 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया।जांच एजेंसी के मुताबिक, खियांग्ते पर परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को ठेका दिलाने के बदले दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विधानसभा तक छात्रों के पहुंचने और पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद और गंभीर हो गया है। एक ओर छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं विपक्ष ने भी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।लवार को प्रस्तावित झारखंड बंद और विधानसभा घेराव के कार्यक्रम के कारण राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंदोलन को नियंत्रित करने के साथ छात्रों की परीक्षा संबंधी शिकायतों पर भरोसेमंद समाधान तलाशने की है।