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Flood situation in Assam spirals out of control: 379 villages submerged, 1.92 lakh people affected, death toll reaches 82.
असम। असम में लगातार हो रही मॉनसून की भारी बारिश ने राज्य के कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। राज्य के पांच प्रमुख जिले शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराईदेव सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण इन जिलों के करीब 379 गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे 1,92,799 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के बढ़ते जलस्तर ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। सुरक्षा बलों और आपदा राहत टीमों द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बाढ़ का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 15,430 हेक्टेयर में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। इससे हजारों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है।
बीते कुछ दिनों में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में दो और लोगों की मौत हुई है। इनमें एक मौत शिवसागर और दूसरी चराईदेव जिले में दर्ज की गई। इसके साथ ही इस वर्ष असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 82 हो गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और पुनर्वास कार्यों के बीच सरकार ने 'पीएम सूर्य घर' योजना के तहत प्रभावित क्षेत्रों के 9,289 लाभार्थियों के लिए 41.67 करोड़ रुपये की राज्य सब्सिडी मंजूर की है।
मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) मंगलवार तक यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करे।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि बाढ़ पीड़ितों द्वारा लिए गए सभी प्रकार के ऋणों की किश्तों के भुगतान पर 6 महीने की मोहलत दी जाएगी। यानी प्रभावित लोगों को अगले छह महीनों तक अपने लोन की ईएमआई या किस्तें नहीं चुकानी होंगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।