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Former Deputy CM attacks BJP government in Durg
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दुर्ग दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण, कांग्रेस संगठन और जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने सबसे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की धर्मपत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका परिवार से वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा है और उन्होंने हमेशा मातृत्व का स्नेह महसूस किया।
फोटो विवाद पर दी सफाई
हाल के फोटो विवाद पर उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हर व्यक्ति को पहचान पाना संभव नहीं होता। नेताओं से रोज बड़ी संख्या में लोग मिलते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाद में किसी मामले में आरोपी निकलता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उससे जानबूझकर संबंध रखा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी से जानबूझकर मिलना पूरी तरह गलत है।
‘कांग्रेस की ऐसी सोच नहीं’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का बयान कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने कभी ऐसी सोच सार्वजनिक नहीं की और उनकी जानकारी में पार्टी की भी ऐसी कोई नीति नहीं है।
बढ़ते अपराधों पर सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चाकूबाजी, दुष्कर्म, छेड़छाड़ और हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सरकार हर अपराध को पूरी तरह रोक नहीं सकती, लेकिन ऐसा माहौल जरूर बना सकती है जिससे अपराधियों में कानून का डर पैदा हो। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार ऐसा वातावरण बनाने में असफल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर उठाए सवाल
पूर्व डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं मान चुकी है कि स्वास्थ्य तंत्र लोगों को बेहतर सेवाएं देने में सक्षम नहीं है, इसलिए सरकारी संस्थानों और सेवाओं को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
उन्होंने 'हमर लैब' जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को यूनिवर्सल हेल्थ केयर के लक्ष्य पर काम करना चाहिए, ताकि नागरिकों को इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च न करना पड़े। लेकिन इसके विपरीत सरकारी भवन और संसाधन निजी संस्थाओं को देकर लोगों से शुल्क लेकर इलाज कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ पर बोले
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि वह किसी दौड़ में नहीं हैं और केवल पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान उन्हें यह आभास हुआ कि फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व का पूरा ध्यान उन राज्यों पर है, जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। छत्तीसगढ़ संगठन को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं चल रही है।
जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के निजीकरण का किया विरोध
भिलाई के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के निजीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका विरोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का उद्देश्य लोगों को उच्चस्तरीय और सस्ती अथवा निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। यदि सरकारी अस्पतालों और उनकी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा तो आम लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर यूनिवर्सल हेल्थ केयर का लक्ष्य यही है कि नागरिकों को इलाज के लिए जेब से खर्च न करना पड़े, लेकिन सरकार की वर्तमान नीति इस लक्ष्य के विपरीत है। साथ ही उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम से जुड़े संस्थान का इस तरह निजीकरण होना दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है।