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Former TMC MLA accused in relief material scam paraded in shorts; Panchayat Deputy Chief in Singur paraded in a garland of shoes.
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सरकारी राहत सामग्री घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। एक ओर सरकारी राहत सामग्री घोटाले के आरोपी तारकेश्वर के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक रामेंदु सिंह राय को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद हाफ पैंट में इलाके में घुमाया, वहीं दूसरी ओर सिंगुर में भ्रष्टाचार और वसूली के आरोपों से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के उपप्रधान अद्वैत दास का सार्वजनिक रूप से अपमान किया।
सरकारी राहत सामग्री घोटाले में नाम सामने आने के बाद रामेंदु सिंह राय के खिलाफ धनियाखाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गए थे। पुलिस ने उन्हें 19 जून को कर्नाटक से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हाफ पैंट में इलाके में घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट ने नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने, मारपीट और सार्वजनिक अपमान जैसी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस को ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर आलोचना हो रही है।
दूसरी घटना हुगली जिले के सिंगुर विधानसभा क्षेत्र की है। यहां एक ग्राम पंचायत के उपप्रधान अद्वैत दास पर इलाके में वसूली, धमकाने और भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए हैं। आरोपों से नाराज स्थानीय लोगों ने सोमवार को उन्हें एक खंभे से बांध दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने उनके गले में जूतों की माला पहनाई, सिर पर कच्चे अंडे फोड़े और कमर में रस्सी बांधकर सिंगुर के नांदाबाजार इलाके में घुमाया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दोनों घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हिंसा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।