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sakti purnima chauhan murder case jongra
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ ग्राम जोंगरा में हुए पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पति-पत्नी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शादी के दबाव से परेशान होकर एक शख्स ने अपनी ही पत्नी के साथ मिलकर अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या की साजिश रची और ₹4 लाख की सुपारी देकर उसे रास्ते से हटवा दिया।
इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बाकायदा 'शूटर' फिल्म देखी थी और फिल्मी स्टाइल में ही घर में घुसकर युवती को तीन गोलियां मारी थीं। पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र से आरोपियों को दबोचा है।
यह पूरी घटना सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम जोंगरा की है। 26 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे, बिना नंबर की बाइक पर सवार होकर दो नकाबपोश युवक 25 वर्षीय पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम के घर पहुंचे। इनमें से एक आरोपी घर के भीतर दाखिल हुआ। उसने पहले पूर्णिमा की पहचान सुनिश्चित की और फिर पास से उस पर पिस्टल से 3 गोलियां दाग दीं। सिर और शरीर में गोलियां लगने के कारण पूर्णिमा लहूलुहान होकर गिर पड़ी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। मृतिका पूर्णिमा चौहान का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान से अफेयर था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार-प्रसार का काम करते थे। पूर्णिमा का पहले शादीशुदा रिश्ता टूट चुका था और वह 2 साल से मायके में रह रही थी।
मुरलीशंकर भी शादीशुदा था। जब उसकी पत्नी चम्पा चौहान को इस अवैध संबंध का पता चला, तो घर में लगातार विवाद होने लगा। इसके बाद मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन पूर्णिमा उस पर शादी करने का लगातार दबाव बना रही थी। अपनी गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाने के लिए मुरलीशंकर ने अपनी पत्नी चम्पा को साथ मिलाया। दोनों ने मिलकर पूर्णिमा को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया।
इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मुरलीशंकर और चम्पा ने झारखंड के राजेंद्र महंत नाम के शख्स से संपर्क किया और ₹4 लाख में हत्या का सौदा तय किया। पत्नी चम्पा चौहान ने सुपारी की रकम का इंतजाम करने के लिए अपने पोस्ट ऑफिस का खाता तोड़कर (मैच्योरिटी से पहले बंद कराकर) पैसे निकाले। इसमें से ₹2 लाख एडवांस के तौर पर शूटर्स को दिए गए थे। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने वारदात का तरीका सीखने के लिए 'शूटर' मूवी देखी थी।
अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए सक्ती पुलिस ने कमान संभाली। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर डंप और आसपास के CCTV फुटेज को खंगाला।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के झारखंड के जमशेदपुर और महाराष्ट्र के पुणे में छिपे होने के इनपुट मिले। पुलिस की विशेष टीमों ने तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र) में दबिश देकर मुख्य साजिशकर्ताओं समेत कुल 9 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
मुरलीशंकर चौहान (बॉयफ्रेंड - मुख्य साजिशकर्ता, रायगढ़)
चम्पा चौहान (पत्नी - मुख्य साजिशकर्ता, रायगढ़)
राजेंद्र महंत (मालखरौदा)
सुनील महंत (मालखरौदा)
वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू (मालखरौदा)
चंद्रशेखर महंत (मालखरौदा)
राकेश महंत (मालखरौदा)
गौरीशंकर सिदार (खरसिया)
सुमित गबेल (रायगढ़)
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल की गई सामग्री को भी जब्त कर लिया है। 1 पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस (घटनास्थल से 3 खाली खोखे भी बरामद किए गए)। वारदात और फरारी में इस्तेमाल की गई 2 मोटरसाइकिलें, 7 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और ₹71,500 नगद कैश।
पुलिस ने सभी 9 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के खुलासे के बाद इलाके में पुलिस की मुस्तैदी की तारीफ हो रही है।