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Glacial Lake Outburst in Bhutan: Shintafu glacial lake bursts in Bhutan; floodwaters surge towards India; high alert issued in Bengal and Assam.
नई दिल्ली। भूटान में गुरुवार देर रात शिंताफू ग्लेशियर झील (Shintaphu Glacial Lake) फटने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई। ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की इस घटना के बाद पानी का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ने लगा। भारत की तरफ बाढ़ का सैलाब बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिम बंगाल और असम में हाईअलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर रात जोरदार धमाके के साथ भूटान की शिंताफू झील का पानी अचानक बाहर निकल आया। इसके बाद तेज बहाव ने निचले इलाकों में असर दिखाना शुरू कर दिया। झील से निकला पानी मोफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। इस घटना के बाद भूटान के साथ-साथ भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
GLOF के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियों, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी के कुछ हिस्सों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संकोश नदी के जलस्तर में अचानक भारी बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है।
प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में कहा गया है कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
एडवाइजरी के मुताबिक, बाढ़ का पानी घटना के बाद 8 से 10 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। दोनों राज्यों के संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, बाद में कुमारग्राम इलाके में फ्लैश फ्लड के पानी का असर खत्म होने और सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल और असम सरकार ने सतर्कता बरकरार रखी है।
पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार उरांव ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 1 से 1.5 घंटे के भीतर कुमारग्राम में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों से एहतियात बरतने और प्रशासन का सहयोग करने को कहा।
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसमें ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झील का पानी अचानक बाहर निकल आता है। आमतौर पर ऐसा झील को रोकने वाले प्राकृतिक बांध के टूटने या कमजोर पड़ने के कारण होता है।
इससे पहाड़ी घाटियों में पानी का बेहद तेज बहाव पैदा होता है। पानी अपने साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आगे बढ़ता है। इसकी चपेट में आने से बस्तियां, सड़कें, पुल और खेत बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
शिंताफू झील भूटान के पुनात्सांगछू नदी बेसिन में स्थित है। पुनात्सांगछू नदी भारत में प्रवेश करने के बाद संकोश नदी के नाम से जानी जाती है। यह नदी उत्तर बंगाल और उससे सटे असम के कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है।
शिंताफू झील को भूटान की उन 17 ग्लेशियर झीलों में शामिल बताया गया है, जिन्हें संभावित रूप से खतरनाक माना जाता है। ऐसे में झील फटने की घटना ने भारत-भूटान सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकना है।