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Global concern over Hantavirus grows, rescue operation intensifies from infected cruise ship
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की निगरानी में हंता वायरस संक्रमण से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस से यात्रियों और क्रू मेंबर्स को निकालने का अभियान तेजी से जारी है। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।
स्पेन के स्वास्थ्य सचिव हावियर पाडिला ने जानकारी दी कि 90 से अधिक यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन तय योजना के अनुसार चल रहा है और अलग-अलग देशों के नागरिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।
14 देशों के लोगों को निकाला गया
स्पेन गृह मंत्रालय की सिविल प्रोटेक्शन और इमरजेंसी शाखा द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, रविवार दोपहर तक 14 देशों के 49 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला जा चुका था।
ब्रिटेन, तुर्की, फ्रांस, आयरलैंड और अमेरिका के नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर लाया गया। सोमवार को अंतिम रेस्क्यू फ्लाइट ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को लेकर रवाना होगी। वहीं नीदरलैंड्स भी अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ान भेजने की तैयारी कर रहा है।
8 संभावित मामले, 3 लोगों की मौत
स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जहाज पर हंता वायरस संक्रमण के कुल 8 संभावित मामले सामने आए हैं, जिनमें से 5 की लैब से पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण के कारण 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। WHO को इस घटना की सूचना महीने के पहले सप्ताह में दी गई थी।
क्या है हंता वायरस?
WHO के अनुसार, हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कुतरने वाले जानवरों में पाया जाता है। संक्रमित जानवरों के मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से यह इंसानों में फैल सकता है। यह वायरस गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित होता है।
दो तरह की गंभीर बीमारियां
अमेरिका में यह वायरस हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) पैदा करता है, जो फेफड़ों और दिल को प्रभावित करता है। वहीं यूरोप और एशिया में यह रीनल सिंड्रोम के साथ रक्तस्रावी बुखार (HFRS) का कारण बनता है, जिससे किडनी और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है।
क्या इंसान से इंसान में फैलता है वायरस?
WHO के मुताबिक, इस मामले में वायरस का संबंध अंडेस स्ट्रेन से है, जिसमें इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की क्षमता सीमित मानी जाती है। संक्रमण आमतौर पर लंबे और बेहद नजदीकी संपर्क में ही फैलता है। WHO ने फिलहाल वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को “लो” यानी कम श्रेणी में रखा है।
भारत में बढ़ाई गई निगरानी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने एहतियाती निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, जहाज पर मौजूद दो भारतीय नागरिक फिलहाल बिना लक्षण के हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम और एनसीडीसी के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की है।
सरकार ने उठाए ये कदम
WHO और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से लगातार संपर्क
संभावित संक्रमण की निगरानी तेज
डायग्नोस्टिक और महामारी मूल्यांकन की तैयारी
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष स्वास्थ्य उपाय
इलाज और बचाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल हंता वायरस का कोई विशेष इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि समय पर मेडिकल देखभाल और निगरानी से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। WHO ने लोगों को संक्रमित कुतरने वाले जानवरों से दूरी बनाए रखने, बंद और कम हवादार जगहों की सफाई में सावधानी बरतने और अस्वच्छ स्थानों से बचने की सलाह दी है।