

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Chhattisgarh: Good Governance Festival becomes a platform for villagers' hopes, with problems being resolved instantly in camps.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ अब केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीणों की उम्मीदों और भरोसे का बड़ा मंच बनता जा रहा है। गांव-गांव लगाए जा रहे जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। यही वजह है कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविरों में पहुंच रहे हैं और शासन-प्रशासन की तत्परता से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में अधिकारी न केवल शिकायतें सुन रहे हैं, बल्कि तत्काल कार्रवाई कर योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की जमीनी हकीकत जान रहे हैं।
गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन
सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे समाधान शिविरों में प्रशासनिक अमला सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। कई मामलों में मौके पर ही आवेदन स्वीकार कर स्वीकृति दी जा रही है।

रेवटी में आयोजित शिविर में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया गया।
रीता अगरिया को मिला उन्नत नस्ल का बकरा
गोविंदपुर निवासी महिला किसान रीता अगरिया ने पशुधन विभाग से उन्नत नस्ल के बकरे की मांग की थी। रीता लंबे समय से बकरी पालन से जुड़ी हुई हैं और बेहतर नस्ल के पशु के जरिए अपनी आय बढ़ाना चाहती थीं।

शिविर में आवेदन मिलते ही पशुधन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें उन्नत नस्ल का बकरा स्वीकृत कर दिया। सहायता मिलने के बाद रीता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब प्रशासन स्वयं गांव पहुंचकर समस्याएं सुन रहा है और मौके पर समाधान भी कर रहा है।
स्वामित्व योजना से देवलाल को मिला अधिकार अभिलेख
साल्हे में आयोजित शिविर देवलाल ठेठवार और उनके परिवार के लिए यादगार बन गया। ग्राम ऊंचाईपुर निवासी देवलाल को स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया, जिससे उन्हें अपनी जमीन का वैधानिक मालिकाना हक मिला।
ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के जरिए ग्रामीण आबादी क्षेत्र का सर्वे और मैपिंग कर ग्रामीणों को संपत्ति के दस्तावेज दिए जा रहे हैं। देवलाल ने कहा कि अब वे बैंक से आसानी से ऋण ले सकेंगे और मकान निर्माण जैसी जरूरतें पूरी कर पाएंगे।
अलमा टोप्पो को शिविर में मिला राशन कार्ड
नानदमाली निवासी अलमा टोप्पो लंबे समय से राशन कार्ड नहीं बनने से परेशान थीं। राशन कार्ड के अभाव में उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

सुशासन तिहार शिविर में उन्होंने अपनी समस्या रखी, जिसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच कर मौके पर ही उनका राशन कार्ड जारी कर दिया। राशन कार्ड मिलने के बाद अलमा ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री और प्रशासन का आभार जताया।
गोड़बहाल जलाशय का गेट सुधरने से किसानों में खुशी
परसापाली के किसानों के लिए सुशासन तिहार राहत लेकर आया। गोड़बहाल जलाशय का मुख्य गेट खराब होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही थीं।

किसानों ने समाधान शिविर में अपनी समस्या रखी, जिसके बाद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तत्काल जल संसाधन विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग की टीम ने प्राथमिकता के आधार पर गेट की मरम्मत कर दी। गेट ठीक होने के बाद नहरों में पानी पहुंचा और किसानों के चेहरे खिल उठे।
किसान रामलाल यादव ने कहा कि वर्षों से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ था, लेकिन इस बार उनकी बात सुनी गई और तुरंत कार्रवाई हुई।
ग्रामीणों में बढ़ा शासन पर भरोसा
सुशासन तिहार के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था गांवों तक पहुंच रही है। राशन कार्ड, अधिकार अभिलेख, पशुधन सहायता, सिंचाई व्यवस्था और अन्य योजनाओं के त्वरित लाभ से ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि पहली बार प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर मौके पर समाधान कर रहा है, जिससे उन्हें राहत और भरोसा दोनों मिल रहा है।