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Good news from Kuno National Park: India-born cheetah gives birth to 5 cubs.
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीता पुनर्वास परियोजना को लेकर एक बार फिर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत में जन्मी चीता केजीपी-21 ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इन नए शावकों के जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं।
चीता पुनर्वास परियोजना के तहत कूनो में लगातार चीता कुनबा बढ़ रहा है। भारत में जन्मी केजीपी-21 ने पांच शावकों को जन्म देकर इस सफलता में एक और अध्याय जोड़ दिया है। पांचों शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं और कूनो में चीता संरक्षण के प्रयासों के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पांचों शावकों के चित्र साझा करते हुए इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने कूनो के फील्ड स्टाफ, पशु चिकित्सकों और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की मेहनत की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने शावकों का स्वागत करते हुए लिखा-“Welcome to the world, little ones.”
पांच नए शावकों के जन्म के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या 60 पहुंच गई है। इनमें से 41 चीते भारत में जन्मे हैं। यह आंकड़ा भारत में चीता पुनर्वास और संरक्षण परियोजना की प्रगति को दर्शाता है।
भारत में चीता पुनर्वास परियोजना की शुरुआत चार वर्ष पहले हुई थी। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़ा था। इसके बाद परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। इससे कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों को गति मिली।
चीता पुनर्वास परियोजना के तीसरे चरण में 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से छह मादा और तीन नर चीते भारत लाए गए थे। अब कूनो में बोत्सवाना वंश की शुरुआत भी हो गई है।
खास बात यह है कि केजीपी-21 से जन्मे इन पांच शावकों के पिता बोत्सवाना से लाया गया चीता है। इससे कूनो में चीतों की आनुवंशिक विविधता बढ़ाने में मदद मिलेगी और परियोजना को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार अलग-अलग देशों से लाए गए चीतों के प्रजनन से भारतीय चीता आबादी में आनुवंशिक विविधता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बोत्सवाना वंश से जन्मे इन शावकों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कूनो में पांच नए शावकों के जन्म पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे चीता पुनर्वास परियोजना की सफलता और मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। कूनो में लगातार हो रहे चीता जन्मों से भारत में इस महत्वाकांक्षी वन्यजीव संरक्षण परियोजना को नई उम्मीद मिली है।