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Havoc caused by rain and floods in Bastar: 1.61 lakh people affected and around 1,700 houses damaged.
जगदलपुर। बस्तर संभाग में 23 से 26 तारीख के बीच हुई भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। इस आपदा में अब तक आठ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।बाढ़ के कारण कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए। घरों में रखा सामान पानी में बह गया, जबकि बड़ी संख्या में मवेशियों के भी प्रभावित होने की जानकारी है। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत सर्वे लगातार कराया जा रहा है। ऐसे में प्रभावित लोगों और क्षति का आंकड़ा आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
प्रारंभिक प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक बस्तर संभाग में करीब 1.61 लाख लोग बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। लगभग 1700 मकानों के पूर्ण या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।कई अंदरूनी इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सर्वे टीमों की पहुंच अब भी नहीं हो पाई है। यही वजह है कि मौजूदा आंकड़ों को अंतिम नहीं माना जा रहा है। प्रशासन के अनुसार सभी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे पूरा होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
बाढ़ से बने हालात का जायजा लेने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर और सुकमा जिले का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और बाढ़ से हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन करने पर जोर दिया है। प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।
बाढ़ के कारण घरों से विस्थापित हुए लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। प्रभावित परिवारों को इन शिविरों में ठहराया गया है। प्रशासन की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।तोकापाल ब्लॉक के देउरगांव समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के साथ घरेलू सामान और पशुधन के नुकसान से लोगों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
बस्तर संभाग में बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा लगातार की जा रही है। संभागायुक्त डोमन सिंह भी राहत कार्यों और नुकसान के आकलन की निगरानी कर रहे हैं।प्रशासन का कहना है कि कई क्षेत्रों में पहुंच बाधित होने के कारण अभी पूरा सर्वे नहीं हो सका है। इसलिए फिलहाल सामने आए आंकड़ों को प्रारंभिक माना जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद ही बाढ़ से हुए कुल नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।