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Heroin supplier arrested from Bhilai; police investigating key links in the Raipur drug network.
रायपुर। राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने हेरोइन सप्लाई करने के आरोप में भिलाई निवासी विक्रम सिंह उर्फ शेखर अन्ना को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में उसके तार एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर सप्लाई चेन, नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार 10 जून को टिकरापारा थाना क्षेत्र के भाठागांव स्थित नए बस स्टैंड के पास कार्रवाई करते हुए हरप्रीत सिंह मट्टू और ऋषि साहू को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से 8.75 ग्राम हेरोइन और बिक्री से जुड़ी नकदी बरामद हुई थी। जब्त हेरोइन और नकदी की कुल कीमत करीब 1.72 लाख रुपये आंकी गई थी।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें हेरोइन की खेप भिलाई निवासी विक्रम सिंह उर्फ शेखर अन्ना उपलब्ध कराता था। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, चैट, संपर्कों और डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हेरोइन की खेप कहां से आती थी और किन-किन स्थानों तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रायपुर धीरे-धीरे देश के ड्रग्स नेटवर्क का महत्वपूर्ण ट्रांजिट सेंटर बनता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम समेत कई राज्यों से नशीले पदार्थ राजधानी तक पहुंचाए जाते हैं। इसके बाद इन्हें छोटी-छोटी खेपों में बांटकर देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है। सड़क और रेल संपर्क बेहतर होने के कारण तस्करों ने रायपुर को प्रमुख वितरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
जांच के दौरान गिरफ्तार राजस्थान निवासी तस्कर रामनिवास माचरा ने पुलिस को बताया कि पिछले कई वर्षों से राजस्थान सीमा से बड़ी मात्रा में ड्रग्स रायपुर लाया जाता रहा है। नशीले पदार्थों को शहर के बाहरी इलाकों में किराये के मकानों में छिपाकर रखा जाता है और मांग के अनुसार गोवा, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक समेत कई राज्यों में भेजा जाता है। पुलिस इस खुलासे के बाद ऐसे संभावित ठिकानों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने अब तक विभिन्न राज्यों के 12 संदिग्ध तस्करों की पहचान की है। जांच एजेंसियां उनके ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं और आने वाले दिनों में अंतरराज्यीय स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही हैं। राजस्थान के आरोपी के मोबाइल से कई संदिग्ध संपर्क और चैट भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।
अब तक की कार्रवाई में पुलिस 164 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से लगभग 5.50 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जब्ती में 588 किलोग्राम गांजा, 27,875 नशीली गोलियां, 173 ग्राम एमडीएमए, 20.740 ग्राम हेरोइन, 71 ग्राम अफीम, 4.55 ग्राम कोकीन, 251 बोतल नशीला सिरप, 13.55 लाख रुपये नकद, 19 वाहन, 81 मोबाइल फोन, एक देशी कट्टा और दो चाकू शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।