

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

MP News: High Court's big decision on Bhojshala, considering it as Vagdevi temple, Hindu side allowed to worship, Hanuman Chalisa recitation took place in the premises
धार। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के ऐतिहासिक फैसले के बाद धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर में आज शनिवार को धार्मिक गतिविधियां तेज हो गईं। अदालत ने भोजशाला को राजा भोज के समय का मां वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया है। फैसले के बाद श्रद्धालुओं और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने परिसर पहुंचकर शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन किए और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना
सुबह से ही भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों ने मां वाग्देवी के स्थान और यज्ञ कुंड के पास पूजा-अर्चना की। भोज उत्सव समिति और भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर दंडवत प्रणाम किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों बाद उन्हें बिना किसी रोक-टोक के पूजा करने का अवसर मिला है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के अनुसार, हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा जारी उस आदेश को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को तय समय के लिए नमाज की अनुमति दी गई थी। अदालत ने ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर माना कि भोजशाला का निर्माण भोज-परमार वंश के काल में हुआ था और यह स्थल वर्ष 1904 से संरक्षित स्मारक घोषित है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसर का प्रशासन और निगरानी ASI के अधीन ही रहेगा।
श्रद्धालुओं में उत्साह
भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा, “भोजशाला का कण-कण यह प्रमाणित करता है कि यह मंदिर था, मंदिर है और हमेशा मंदिर ही रहेगा।” श्रद्धालुओं ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है
फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में दो कैविएट याचिकाएं दायर कर दी हैं। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि अदालत ने लंदन के संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर भी विचार किया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
फैसले के बाद पूरे धार शहर और भोजशाला परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।