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High Court denies bail to 75-year-old accused in a rape case dating back 28 years.
सरगुजा जिले में वर्ष 1998 में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चांदी- बेलसर के निवासी 75 वर्षीय ललन प्रसाद जायसवाल की जमानत याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज कर दी।
आपको बता दें, कि यह प्रकरण 28 वर्ष पुराना है, लेकिन अभी हाल ही में 1 जुलाई 2026 को आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में सुनवाई के दौरान पीड़िता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डीएलएसए के माध्यम से हाई कोर्ट के सामने उपस्थित हुई। उसने ललन प्रसाद को जमानत दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही, लेकिन कोर्ट ने इस मामले के सभी तथ्यों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने बताया, कि आरोपी ललन जायसवाल और सह-आरोपी लालजी अहिर ने तीन सितंबर 1998 को पीड़िता को घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। मामले में जिला के अजाक थाने में दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सह-आरोपी लालजी अहिर न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में सजा काट रहा है। वहीं अब 28 वर्ष बाद आरोपी ललन जायसवाल की गिरफ्तारी की गई है। बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी की आयु और मुकदमे में और समय लगने का तर्क देकर जमानत मांगी। हालांकि, पीड़िता ने भी जमानत दिए जाने का पक्ष लिया, लेकिन सभी तर्कों पर विचार करने के बाद जस्टिस संजय कुमार जायसवाल ने जमानत याचिका को रद्द कर दिया।