

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

High-speed connectivity to be established from Bastar to the port; Raipur-Visakhapatnam Expressway to be ready by March 2027.
रायपुर। विशाखापट्नम को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के साथ दुर्ग-आरंग बायपास का कार्य भी अगले वर्ष मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश के बीच सड़क संपर्क पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कांकेर और कोंडागांव के बीच केशकाल क्षेत्र में बनाई जा रही करीब 2.8 किलोमीटर लंबी सिक्स लेन सुरंग है। पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से यहां निर्माण कार्य अपेक्षा से धीमा रहा, लेकिन अब काम में तेजी लाई गई है। सुरंग को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि इंटरचेंज समेत बाकी प्रमुख निर्माण इस वर्ष दिसंबर तक पूरे किए जाएंगे। इसके बाद जून 2027 में एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ यातायात शुरू होने की संभावना है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसियों को तय समय के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जगदलपुर से विशाखापट्नम पहुंचने के लिए वाहनों को ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के पहाड़ी मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें लगभग 7 से 9 घंटे लग जाते हैं।नई सड़क शुरू होने के बाद यही दूरी करीब साढ़े तीन से चार घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं रायपुर से विशाखापट्नम की यात्रा, जो अभी सामान्य तौर पर 12 से 14 घंटे लेती है, घटकर लगभग 5 से 7 घंटे रह जाएगी। इससे समय, ईंधन और वाहन संचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
करीब 464 किलोमीटर लंबे इस छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ बस्तर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मिलने वाला है। सड़क बनने के बाद यहां तैयार होने वाली अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ आधारित उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को सीधे विशाखापट्नम बंदरगाह तक पहुंचाना आसान होगा।बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से स्थानीय किसानों, वन उपज संग्रहकर्ताओं और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
इस कॉरिडोर का मार्ग छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से होकर गुजर रहा है। जगदलपुर को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर के निकट दासपुर इंटरचेंज विकसित किया जा रहा है।इस इंटरचेंज के शुरू होने के बाद जगदलपुर से लगभग 50 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर वाहन सीधे रायपुर-विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर पर पहुंच सकेंगे। इससे बस्तर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेगा।