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High-tech registry building coming up in Raipur: Work to be completed in 10 minutes; queues and the role of middlemen to be eliminated.
रायपुर। राजधानी रायपुर में पंजीयन व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टोरेट परिसर में बन रहे नए हाईटेक रजिस्ट्री भवन का निर्माण तेजी से जारी है, जिसे राज्य का सबसे आधुनिक पंजीयन केंद्र बताया जा रहा है। यहां आने वाले समय में लोगों को कॉर्पोरेट स्तर की सुविधाएं मिलेंगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जा रही है और इसके पूरा होने के बाद पंजीयन व्यवस्था का पूरा स्वरूप बदल जाएगा।
2027 से एक ही भवन में होगी पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया
सरकारी योजना के अनुसार, नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2027 से सभी रजिस्ट्रियों का काम इसी नए भवन से किया जाएगा। यहां एक साथ 8 सब-रजिस्ट्रार और तीन जिलों के पंजीयन अधिकारी काम कर सकेंगे।भवन का डिजाइन ऐसा तैयार किया जा रहा है कि एक ही जगह पर बड़ी संख्या में लोगों का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके और भीड़भाड़ की समस्या खत्म हो जाए।
सिर्फ 10 से 15 मिनट में पूरी होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव इसकी गति है। जहां अभी रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगभग एक घंटे तक का समय लगता है, वहीं नए सिस्टम में यह काम सिर्फ 10 से 15 मिनट में पूरा हो जाएगा।ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, टोकन सिस्टम और डिजिटल प्रोसेसिंग के जरिए दस्तावेजों की जांच से लेकर अंतिम सबमिशन तक की प्रक्रिया बेहद तेज और पारदर्शी होगी।डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर हर टोकन की रियल टाइम स्थिति दिखाई देगी, जिससे लोगों को अपने नंबर का इंतजार करने में आसानी होगी।
दलालों पर लगेगी रोक, हेल्पडेस्क देगा सही जानकारी
नए भवन में लोगों को दलालों के चक्कर से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वार पर प्रशिक्षित प्रोफेशनल हेल्पडेस्क स्थापित किया जाएगा, जो नागरिकों को पूरी प्रक्रिया, दस्तावेजों और शुल्क की सही जानकारी देगा।इसका उद्देश्य यह है कि लोग बिना किसी बाहरी मदद के अपनी रजिस्ट्री प्रक्रिया स्वयं पूरी कर सकें।
हाईटेक सुरक्षा और पूरी डिजिटल निगरानी
भवन में सुरक्षा के लिए हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक अलग कंट्रोल रूम से पूरी निगरानी रखी जाएगी। बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन, वाई-फाई, टोकन कियोस्क और सर्वर आधारित सिस्टम इसे पूरी तरह डिजिटल बनाएंगे। यह न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि पूरे सिस्टम को पारदर्शी भी बनाएगा।
दो चरणों में पूरा होगा निर्माण कार्य
इस परियोजना को दो हिस्सों में पूरा किया जा रहा है:पहला चरण: सिविल और स्ट्रक्चर कार्य दिसंबर 2026 तक भवन का ढांचा, फिनिशिंग, कमरे और बुनियादी सुविधाएं पूरी कर ली जाएंगी। दूसरा चरण: आईटी और फिनिशिंग सिस्टम मार्च 2027 तक डिजिटल सिस्टम, कियोस्क मशीन, सर्वर रूम और पूरी तकनीकी व्यवस्था स्थापित कर दी जाएगी।
नया पंजीयन भवन बनेगा मॉडल सिस्टम
अधिकारियों के अनुसार यह भवन राज्य में पंजीयन व्यवस्था का मॉडल बनेगा। यहां लोगों को न केवल तेज सेवा मिलेगी बल्कि पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।कलेक्टर परिसर में बन रहा यह हाईटेक केंद्र आने वाले समय में सरकारी सेवाओं के डिजिटल बदलाव का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।