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Political News: Ideology compromised for power! A strange alliance in two municipal bodies in Maharashtra, distancing the BJP from its neighboring parties.
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद चौंकाने वाले समीकरण बनते नज़र आ रहे हैं। सत्ता के समीकरण साधने के लिए राजनीतिक दल अपनी विचारधाराओं से इतर गठबंधन कर रहे हैं। अंबरनाथ और अकोट नगर परिषदों में हुए गठबंधनों ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। इन घटनाक्रमों के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा है कि कांग्रेस और एआइएमआइएम के साथ गठबंधन किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और इन्हें तुरंत तोड़ा जाए।
अंबरनाथ में BJP–कांग्रेस साथ, शिवसेना बाहर
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव परिणाम 21 दिसंबर को घोषित हुए थे। 60 सदस्यीय परिषद में शिवसेना (शिंदे गुट) ने 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनकर उभरते हुए भी नगर अध्यक्ष पद हाथ से गंवा दिया। वहीं भाजपा की तेजश्री करंजुले पाटिल नगराध्यक्ष चुन ली गईं। भाजपा के खाते में 14, कांग्रेस के 12, राकांपा (अजीत पवार) के 4 और 2 निर्दलीय सदस्य आए।
दलगत स्थिति को देखते हुए भाजपा ने कांग्रेस, राकांपा और एक निर्दलीय के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ का गठन कर सत्ता पर कब्जा कर लिया। इस कदम के बाद शिवसेना को सत्ता से दूर कर दिया गया।
गठबंधन के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी पूरी अंबरनाथ इकाई ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल और सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया तथा ब्लॉक कमेटी भंग कर दी। कांग्रेस ने संकेत दिया कि वह भाजपा से किसी भी स्तर पर गठजोड़ स्वीकार नहीं करेगी।
शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने इसे “अपवित्र गठबंधन” बताया और कहा कि भाजपा एक ओर ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के सहारे सत्ता में आ रही है।
अकोट में BJP–AIMIM साथ आए
अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में भी कुछ ऐसा ही परिदृश्य सामने आया। 35 सदस्यीय परिषद में 33 सीटों पर चुनाव हुए, जिनमें भाजपा को सिर्फ 11 सीटें मिलीं, लेकिन उसकी मेयर उम्मीदवार माया घुले ने एआइएमआइएम प्रत्याशी फिरोजाबी सिकंदर राणा को बड़े अंतर से हरा दिया।
जब स्पष्ट बहुमत का रास्ता नहीं बना, तो भाजपा ने कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी को छोड़कर अन्य दलों के साथ मिलकर ‘अकोट विकास मंच’ का गठन कर सत्ता का समीकरण तैयार कर लिया।
फडणवीस ने दिया निर्देश
इन घटनाक्रमों के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश जारी किए हैं कि कांग्रेस और एआइएमआइएम के साथ बने गठबंधन तत्काल तोड़े जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे गठबंधन पार्टी नीति के खिलाफ हैं।