

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

If you say so, I’ll say it... I hear there is a severe shortage of eggs in West Bengal. – Chaitanya Bhatt
भोपाल। एक खबर सुनी है कि पश्चिम बंगाल में अंडों की भारी शॉर्टेज हो गई है, वहां की मुर्गियां मुंह छुपाए घूम रही है कि आखिर हम एक दिन में कितने अंडे दें। पोल्ट्री फार्म के मालिक सुबह से अंडे बटोरने आ जाते हैं और यदि इनकी संख्या कम होती है तो इन बेचारी मुर्गियों को डांटते फटकारते हैं ये तक चेतावनी देते हैं कि अगर अगली बार कम अंडे दिए तो समझ लेना कि मुर्गी दाना नहीं मिलेगा ,अब वे बेचारी मुर्गियों करें तो क्या करें ? जितनी उनकी हैसियत है उतने अंडे दे देती हैं। लोग बात पूछ रहे हैं कि आखिर पश्चिम बंगाल में अंडो की इतनी कमी अचानक से क्यों हो गई? दरअसल वहां अंडों की रेसिपी नहीं बन रही बल्कि टीएमसी के नेताओं को अंडे फेक कर मारा जा रहा है अब ऐसा तो है नहीं कि किसी टीएमसी के नेता पर एक अंडा फेंका और वो सही निशाने पर बैठ जाए इसलिए अंडे मारने वाले 20-20 संडे लेकर आ रहे हैं कि कोई तो एक निशाने पर बैठेगा।
स्थिति ये हो गई है की अंडों से बनने वाली रेसिपी "एग भाजी विथ चटनी", "एग पेपर फ्रॉम तवा", "तेलुगु अंडा करी", साली पर ईडा (पारसी डिश) "अप्पम एंड एग","एग कोडू पराठा", "एग कीमा", "एग दोसा", आमलेट" " एग नर्गिसी कोफ्ता", "भुरजी" जैसी रेसिपी जिन रेस्टोरेंट में मिलती थी वहां बोर्ड लग गया है "नॉट अवेलेबल" सुना है कि कई लोगों ने अपना दूसरा धंधा छोड़कर पोल्ट्री फार्म किराए से ले लिए हैं क्योंकि जिस गति से अंडों की बिक्री हो रही है और वे खरीदे जा रहे हैं उसमें प्रॉपर्टी ही प्रॉफिट है, खबर तो ये भी है कि कई देशों ने पश्चिम बंगाल में अंडो का निर्यात शुरू कर दिया है।
विदेशी मुर्गियां वैसे भी ज्यादा हड्डी कट्टी होती है इसलिए उनके अंडे भी काफी वजनदार होते हैं इसलिए अंडे फेंकने वाली जनता को ये अंडे ज्यादा पसंद आ रहे हैं लेकिन जो लोग "आत्मनिर्भर भारत" की बात करते हैं वे देशभक्त लोग देसी अंडे ही खरीद रहे हैं, वैसे अंडा प्रोटीन का सबसे बड़ा सोर्स होता है ऐसा कहा जाता है कि इसमें विटामिन डी और ओमेगा 3 के अलावा फैटी एसिड भी होता है अंडे में विटामिन ए भी होता है जो न केवल बालों को बढ़ाता है बल्कि आंखों की रोशनी के लिए भी उपयोगी होता है लेकिन इन तमाम बातों को छोड़कर लोग बाग अंडे का उपयोग सिर्फ और सिर्फ टीएमसी के नेताओं को मारने में लगे हैं वो तो अच्छा हुआ कि परंपरा टमाटर और अंडे मारने की ही है वरना यदि ये परंपरा कुम्हड़ा, तरबूज, खरबूज,लौकी, कटहल, आम बादाम, फाजली आम मारने की होती तो अभी तक तो सैकड़ो टीएमसी के नेता जख्मी होकर अस्पताल में भर्ती हो जाते इसलिए कहते हैं कि बड़े पुराने लोगों ने बहुत सोच समझकर ये सारी चीजें ईजाद की होगी, बहरहाल अब देखते हैं कि पश्चिम बंगाल में अंडों की ये शार्टेज कब तक खत्म होती है।
आजकल जो भी राजनीतिक पार्टी बना रहा है उन्हें जीव जंतुओं से बड़ी मोहब्बत हो गई है देश के प्रधान न्यायाधीश ने बेरोजगारों को कॉकरोच क्या कह दिया अमेरिका में बैठे भाई साहब ने तुरंत "काकरोच जनता पार्टी" बना डाली, जगह-जगह आंदोलन प्रदर्शन शुरू हो गए उसकी सफलता को देखकर बिग बॉस 2 के विजेता एल्विस यादव ने इंटरनेट मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ "खरगोश जनता पार्टी" की घोषणा कर दी अब एक तरफ कॉकरोच है तो दूसरी तरफ खरगोश, दोनों का युद्ध होगा लेकिन अपने को मालूम है कि कॉकरोच को हराना इतना आसान काम नहीं है वो ही एक ऐसा जीव है जो कहां छुप जाए कोई नहीं जानता ,आप लाख ढूंढते रहो लेकिन वो कौन सी दरार में घुसा हो ये पेस्ट कंट्रोल वाले भी नहीं पहचान पाते जैसे पुराने जमाने में "गुरिल्ला युद्ध" होता था लगता है ये कारचोच उसी गुरिल्ला युद्ध से इंस्पायर्ड हैं , अब कॉकरोच और खरगोश जनता पार्टी के बाद ऐसा लगता है कि कुछ और पार्टियां बनेगी क्योंकि इन दोनों पार्टियों को भारी पब्लिसिटी मिल गई है इसलिए हो सकता है कि अब केंचुआ जनता पार्टी, पटार जनता पार्टी, छछूंदर जनता पार्टी, छिपकली जनता पार्टी, मच्छर जनता पार्टी, मेंढक जनता पार्टी,झींगुर जनता पार्टी,सांप जनता पार्टी, भी बन जाए अगर बड़े जानवरों से प्रेम होगा तो हाथी, शेर, चीता, भालू, तेंदुआ, भेड़िया, सियार जनता पार्टी भी अस्तित्व में आ सकती है देखना होगा कि अब ये तमाम पार्टियों कब जनता के सामने आती हैं
प्रदेश के बड़े अखबार ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया जिसमें भ्रष्टाचार करने वालों ,अनियमितताएं करने वालों, खुले आम रिश्वत लेने वालों को पकड़ने के लिए बने लोकायुक्त में किए गए ऑपरेशन ने खुलेआम बता दिया यदि आपके पास पैसा है तो पैसे दो और मामला निपटा दो, अब जिस विभाग पर भ्रष्टाचारियों रिश्वतखोरों को पकड़ने की जिम्मेदारी हो या न्याय दिलाने की जिम्मेदारी हो यदि उसमें तैनात अफसर भ्रष्टाचार करने में लग जाए तो फिर शिकायत करने वाला जाए तो जाए कहां? इस स्टिंग ऑपरेशन में खुलेआम वहां पर तैनात अफसर छुपे कैमरे में स्वीकार कर रहे हैं और बकायदा मामला निबटाने का रेट बता रहे हैं इतना पैसा दो तो आपका काम हो जाएगा।
जैसे ऑपरेशन सामने आया भारी हड़कंप मच गया अब पता लगा है कि अपने अफसरों पर नजर रखने के लिए लोकायुक्त में एक "विजिलेंस टीम" बना दी गई है ये टीम अफसरों पर नजर रखेगी लेकिन हुजूर इस विजिलेंस टीम में भी आफ्टर ऑल अफसर ही तो शामिल होंगे, अगर वे भी कहीं इसी दौड़ में शामिल हो गए तो उनके ऊपर कौन रखा जाएगा यह बड़ा सवाल है? हो सकता है कि विजिलेंस टीम पर नजर रखने के लिए "एक्स्ट्रा विजिलेंस टीम" उस पर नजर रखने के लिए "हायर विजिलेंस टीम" उस पर नजर रखने के लिए "मोस्ट लॉयल विजिलेंस टीम" और इस टीम पर भी नजर रखने के लिए "हाईएस्ट विजिलेंस टीम" का गठन किया जाएगा। अपना तो मानना यह है कि फालतू की टीम बनाने का कोई मतलब नहीं है जैसा चल रहा है चलने दो वैसे भी सरकारें अभियोजन की स्वीकृति देती कहां है और जब तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिलती तो लोकायुक्त करे तो क्या करे।
"मेरी शराफत देखो मैने तुम्हें देखे बिना ही तुमसे शादी करली" श्रीमती जी ने श्रीमान जी पर अहसान जताते हुए कहा
"मेरी शराफत तो तुमसे भी ज्यादा बड़ी है जो मैने तुम्हें देखकर भी तुमसे शादी कर ली" श्रीमान जी ने उत्तर दिया