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If your name has been removed from the electoral roll, fill out Form-6 without any fear; no action will be taken against you: Election Commission
नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हट गए हैं या अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे बिना किसी डर के नया Form-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। चुनाव आयोग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए Form-6 ही एकमात्र वैध प्रक्रिया है। इसे भरने पर आवेदकों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी।
आयोग ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है, जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मतदाता रह चुके लोगों से नए सिरे से Form-6 भरवाए जाने को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी और पूछा था कि ऐसा कैसे कराया जा रहा है। इसके बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि SIR के दौरान जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं, उन्हें नाम दोबारा जुड़वाने के लिए Form-6 ही जमा करना होगा। आयोग ने ऐसे लोगों से बेझिझक आवेदन करने की अपील की है।
चुनाव आयोग ने इस दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया। यह फैसला निलोत्पल दत्ता व अन्य बनाम चुनाव आयोग मामले में दिया गया था। आयोग के अनुसार, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि झूठी घोषणा को लेकर मतदाताओं के मन में कार्रवाई का डर पूरी तरह निराधार है। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह कानून के अनुसार Form-6 जमा कर सकता है।
आयोग ने बताया कि कुछ जगहों पर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि Form-6 भरने पर आवेदन में की गई घोषणा के आधार पर मतदाता के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपी एक्ट) की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस घोषणा में आवेदक को यह बताना होता है कि वह पहले किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं रहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR में नाम हटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने वालों को कार्रवाई का डर रखने की जरूरत नहीं है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए वे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।