

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

The Congress stood with those who oppose the Constitution and with Maoists: Amit Shah
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल संविधान विरोधी ताकतों तथा माओवादियों के समर्थक रहे हैं। शाह ने कहा कि संसद में माओवाद का समर्थन करने वाले लोग अब संविधान की दुहाई देते हैं। गैर-संवैधानिक सरकारों का समर्थन करने वालों ने नकली संसद बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक उड़ाया।
अमित शाह ने वर्ष 2010 में तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने माओवादियों से हथियार डालने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही थी। शाह ने कहा कि उनकी सरकार ने माओवादियों से हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की।उन्होंने दावा किया कि माओवादी समस्या के समाधान के दौरान केवल 10 प्रतिशत माओवादी मारे गए, जबकि 90 प्रतिशत ने मुख्यधारा में वापसी की। शाह ने कहा कि सरकार के प्रयासों से देश को माओवादी हिंसा से मुक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।
मानवाधिकार के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि बंदूक के दम पर विकास रोकना मानवाधिकार नहीं हो सकता। गरीब आदिवासियों के अधिकारों की चिंता करना भी उतना ही जरूरी है।उन्होंने आरोप लगाया कि माओवादी प्रभाव वाले क्षेत्रों में विकास की जगह हिंसा का माहौल बनाया गया। जंगलों में बारूदी सुरंगें बिछाई गईं, बच्चों को स्कूलों से अगवा कर उन्हें हथियार थमाए गए। स्कूलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया गया। शाह ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास की राह में माओवादी हिंसा बड़ी बाधा रही है।
शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर भी विपक्ष को चुनौती दी। उन्होंने इस विषय पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कही और राहुल गांधी को सदन में बहस करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि केवल संविधान हाथ में लेकर घूमने से कोई संविधान का समर्थक साबित नहीं होता। इसके लिए आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 15 वर्षों तक विकास कार्य हुए, लेकिन उस दौरान केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। शाह के आरोप के मुताबिक, उस समय माओवाद को समाप्त करने की गंभीर मंशा नहीं दिखाई गई और आदिवासी क्षेत्रों के विकास की संभावनाएं अधूरी रह गईं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के दो महीने के भीतर ही माओवादी हिंसा के उन्मूलन का संकल्प लिया गया। राज्योत्सव के दौरान 36 श्रेणियों में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को राज्य अलंकरण प्रदान किए गए। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।