

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Illegal assets of drug traffickers will be attached; a campaign will be launched across Chhattisgarh.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार व्यापक अभियान चलाने जा रही है। अब कार्रवाई केवल नशा बेचते पकड़े गए लोगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करी के नेटवर्क, इसके पीछे सक्रिय बड़े कारोबारियों और आर्थिक मदद देने वालों तक जांच पहुंचाई जाएगी। नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों को कुर्क करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को जब्त कर उनकी नीलामी भी की जाएगी।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम, नियंत्रण, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों, जब्ती, संपत्ति कुर्की और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसातीकरण की समीक्षा की गई।गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करना होना चाहिए। पुलिस को उन लोगों की पहचान भी करनी होगी, जो नशे की खेप पहुंचाने, कारोबार चलाने और उसे आर्थिक मदद देने में शामिल हैं।
30 जून तक जब्त नशीले पदार्थों को 31 दिसंबर तक करना होगा नष्ट
सरकार ने जब्त नशीले पदार्थों के निपटारे को लेकर भी समयसीमा तय की है। निर्देश के अनुसार, 30 जून 2026 तक जब्त किए गए और छह महीने से अधिक पुराने नशीले पदार्थों को 31 दिसंबर तक नष्ट करना होगा। इसका उद्देश्य जब्त सामग्री का समय पर निपटारा सुनिश्चित करना है।
15 नवंबर से 15 जनवरी तक चलेगी जांच
छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों की पहचान के लिए भी दो महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 नवंबर से 15 जनवरी तक प्रस्तावित है।इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, किराए के मकानों, होटलों, धर्मशालाओं और अन्य संदिग्ध स्थानों की जांच की जाएगी। अवैध रूप से रह रहे लोगों को शरण देने, रोजगार उपलब्ध कराने, दूसरे राज्यों से लाने या फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डेढ़ साल में 32 टन से ज्यादा गांजा जब्त
छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान करीब डेढ़ साल में 32 टन से अधिक गांजा जब्त किया गया है। गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 15 जून 2026 के बीच गांजा तस्करी के 970 मामले दर्ज किए गए और 1,975 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।इस अवधि में कुल 32,249.81 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ, जो करीब 32.25 टन है।जिलावार आंकड़ों में महासमुंद सबसे आगे रहा। यहां से कुल 10,402.682 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसमें वर्ष 2025 में 3,177.331 किलोग्राम और वर्ष 2026 में 7,225.351 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।बलरामपुर दूसरे स्थान पर रहा, जहां 3,665.403 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया। वहीं, कबीरधाम जिले में 1,648.489 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।सरकार की रणनीति अब नशे की खेप पकड़ने के साथ तस्करी से अर्जित संपत्ति, आर्थिक नेटवर्क और कारोबार में इस्तेमाल संसाधनों पर कार्रवाई तेज करने की है।