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रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों CBI और ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर महादेव सट्टा ऐप का असली मालिक कौन है? उन्होंने कहा कि एजेंसियां अब सौरभ चंद्राकर को प्रमोटर बता रही हैं, जबकि पहले इस मामले में शुभम सोनी का नाम सामने आया था।
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ेगी और कई नए तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में साल 2022 में महादेव सट्टा ऐप मामले में 72 FIR दर्ज की गई थीं। तत्कालीन सरकार ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध भी किया था।
बघेल ने ED की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि एयरपोर्ट से होटल पहुंचने के दौरान करीब तीन करोड़ रुपये पकड़े गए थे। उन्होंने शुभम सोनी का वीडियो जारी होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब शुभम सोनी खुद को मालिक बता रहा था और अन्य लोगों को अपना कर्मचारी कह रहा था, तो अब एजेंसियां सौरभ चंद्राकर को प्रमोटर क्यों बता रही हैं? आखिर इस पूरे सट्टा कारोबार का असली मालिक कौन है?
रवि उप्पल और शुभम सोनी पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है, लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी को कब लाया जाएगा? उन्होंने कहा कि एजेंसियां वही कार्रवाई करेंगी, जो सरकार चाहेगी, लेकिन उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
दीपक बैज ने भी सरकार को घेरा
इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सौरभ चंद्राकर को भारत लाने में हुई देरी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सौरभ के प्रत्यर्पण में काफी समय लगा है और उसे भारत लाने की प्रक्रिया में पूर्ववर्ती सरकार के प्रयासों की अहम भूमिका रही है। बैज ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया था।
महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और भारत वापसी के बाद अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है और जांच आगे बढ़ने पर कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।