

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

India issues stern warning on West Asia tensions; attacks on ships unacceptable: S. Jaishankar
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जापान की मेजबानी में आयोजित ‘एजेक प्लस’ बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं।
आठ हफ्तों में दर्जनभर से ज्यादा हमले
जयशंकर ने बताया कि पिछले आठ हफ्तों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में प्रोजेक्टाइल, विस्फोटक नावों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक शिपिंग और आर्थिक स्थिरता के लिए चिंताजनक हैं।
भारत की चिंता: नाविकों की सुरक्षा
विदेश मंत्री ने खास तौर पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की आपूर्ति में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है, ऐसे में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
जयशंकर ने कहा कि समुद्री मार्गों में असुरक्षा का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से कीमतें बढ़ती हैं और इसका असर हर देश के आम नागरिक तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री परिवहन वैश्विक विकास के लिए बेहद जरूरी है।
मुक्त और सुरक्षित समुद्री मार्गों पर जोर
बैठक के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत सुरक्षित, मुक्त और सुगम समुद्री पारगमन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल संबंधित देशों बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरे में डालता है।
संघर्ष खत्म करने की अपील
विदेश मंत्री ने सभी पक्षों से संयम बरतने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में वैश्विक सहयोग और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाना समय की मांग है।