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India’s most-wanted gangster Himanshu Bhau has been arrested in the US; Neeraj Faridpuriya has also been caught.
नई दिल्ली। भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शामिल हिमांशु भाऊ को अमेरिका के लास वेगास में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। उसके साथ हरियाणा के गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि हरियाणा STF से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने यह कार्रवाई की। हिमांशु भाऊ पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, अपहरण और फिरौती मांगने जैसे गंभीर आरोप हैं। भारतीय एजेंसियां दोनों आरोपियों को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जुटी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी हरियाणा STF से मिले इनपुट के आधार पर हुई। इस कार्रवाई में अमेरिकी एजेंसियों की भूमिका बताई जा रही है। हिमांशु भाऊ विदेश में रहकर दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब समेत कई क्षेत्रों में अपने गिरोह का नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अहम माना जा रहा है।
हालांकि, दोनों आरोपियों को भारत कब लाया जाएगा, इसे लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। उनके प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।
हिमांशु भाऊ के खिलाफ इंटरपोल ने अगस्त 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। वह NIA और दिल्ली-हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल बताया जाता है।
हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए 2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। लंबे समय से फरार चल रहे हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी को उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है। उसे हिमांशु उर्फ भाऊ रिटोलिया के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, वह कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों की मदद से पासपोर्ट बनवाकर वह विदेश चला गया और वहां से अपने गिरोह का संचालन करने लगा।
उसके गिरोह के संबंध नीरज बवाना और नवीन बाली के नेटवर्क से भी बताए जाते हैं। हिमांशु भाऊ को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का विरोधी माना जाता है। दोनों गिरोहों के बीच पुरानी दुश्मनी की खबरें भी सामने आती रही हैं।
हिमांशु भाऊ के गिरोह का नाम यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई गोलीबारी की घटना में भी सामने आया था। वर्ष 2025 में हुई इस घटना की जिम्मेदारी गिरोह की ओर से लिए जाने की खबरें आई थीं। इस मामले में हिमांशु भाऊ के नेटवर्क की भूमिका को लेकर जांच की गई।
इसके अलावा, दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की हत्या के मामले में भी उसके गिरोह के सदस्यों के नाम सामने आए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी और कारोबारी पर कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में गिरोह से जुड़े चार सदस्यों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी।
हिमांशु भाऊ के साथ गिरफ्तार किए गए नीरज फरीदपुरिया पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हत्या तथा रंगदारी समेत 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। उसे हिमांशु भाऊ के गिरोह का सक्रिय सहयोगी बताया जाता है।
नीरज का नाम वर्ष 2019 में फरीदाबाद में कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या के मामले में भी सामने आया था। बताया जाता है कि वर्ष 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जेल में बंद था और 2015 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसके विदेश चले जाने की जानकारी सामने आई।
नीरज फरीदपुरिया का नाम दिल्ली के आया नगर में वर्ष 2024 में हुई एक हत्या के मामले में भी सामने आया था। इस वारदात में पीड़ित पर कई दर्जन गोलियां चलाए जाने की खबरें आई थीं। इसके अलावा, फरीदाबाद में कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या और यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर हुई गोलीबारी के मामलों में भी उसका नाम चर्चा में रहा है।
इन मामलों में आरोपों और कथित भूमिकाओं का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियों के सामने अब दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया अहम होगी। इसके लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
दोनों के भारत पहुंचने के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां दर्ज मामलों में पूछताछ तथा आगे की कार्रवाई कर सकती हैं। हालांकि, भारत लाने की तारीख और कानूनी प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।