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Indian Army Chief issues stern warning: 8 terrorist training camps remain active across the border, any provocation will be met with a befitting reply.
नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सीमा के उस पार अब भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं और भारतीय सेना उनकी हर गतिविधि पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। सेना प्रमुख ने दो टूक कहा कि यदि इन कैंपों से भारत के खिलाफ किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो भारतीय सेना पहले की तरह सख्त और निर्णायक जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और सीमाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियों से मिल रही सूचनाओं और आधुनिक निगरानी तकनीकों के जरिए इन आतंकी ठिकानों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन इसकी कमजोरी समझना किसी के लिए भारी पड़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि यदि आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की गई या सीमा पार से कोई दुस्साहस किया गया, तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भारतीय सेना के पास हर परिस्थिति से निपटने की पूरी क्षमता और रणनीति मौजूद है।
अपने बयान में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जवानों के मनोबल और तैयारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा और साहस के साथ तैनात हैं। सीमा पर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए सेना पूरी तरह सक्षम है।
सेना प्रमुख की इस चेतावनी को भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान से साफ है कि भारत अब किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।