

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Government tightens safety for delivery boys, Blinkit to remove 10-minute delivery claim
Mansukh Mandaviya intervention: डिलीवरी बॉय की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडविया के हस्तक्षेप के बाद क्विक-कॉमर्स कंपनियों पर असर साफ दिखने लगा है। इसी कड़ी में Blinkit अपने सभी ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म से “10 मिनट में डिलीवरी” का दावा हटाने जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में तेज़ डिलीवरी के दबाव में डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। इसे देखते हुए श्रम मंत्री मनसुख मंडविया ने Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato जैसी बड़ी क्विक-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि डिलीवरी की समय-सीमा के कारण अगर डिलीवरी बॉय की जान और सुरक्षा पर खतरा बढ़ता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में मंत्री मंडविया ने कंपनियों को डिलीवरी के लिए तय समय सीमा हटाने की सलाह दी और डिलीवरी पार्टनर्स की सेफ्टी को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का ऐसा प्रचार या दावा, जिससे डिलीवरी बॉय पर तेज़ रफ्तार या जोखिम भरी ड्राइविंग का दबाव बने, उसे खत्म किया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे अपने ब्रांडिंग, ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से डिलीवरी की समय-सीमा से जुड़े दावे हटाएंगे। Blinkit ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए “10 मिनट डिलीवरी” वाले दावे को पूरी तरह हटाने का फैसला किया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से डिलीवरी पार्टनर्स पर अनावश्यक दबाव कम होगा और सड़क हादसों के जोखिम में भी कमी आएगी। श्रम मंत्रालय आने वाले समय में डिलीवरी बॉय की सामाजिक सुरक्षा, बीमा और कार्य स्थितियों को लेकर भी कंपनियों के साथ विस्तृत दिशा-निर्देश तय कर सकता है।
कुल मिलाकर, तेज़ डिलीवरी की दौड़ में डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर यह सरकार का एक अहम और सख्त संदेश माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में पूरे क्विक-कॉमर्स सेक्टर पर दिख सकता है।