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New Delhi World Book Fair 2026: Two major B2B meetings proved crucial in providing a global platform to Indian literature
नई दिल्ली। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 केवल पाठकों और लेखकों का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह प्रकाशन जगत के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सहयोग का एक मजबूत मंच बनकर उभरा। मेले के अंतर्गत दुनियाभर के प्रकाशकों की दो बड़ी B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें आयोजित की गईं, जिन्होंने किताबों की दुनिया को भविष्य की नई दिशा दिखाई।
इन आयोजनों में सबसे महत्वपूर्ण रहा न्यू दिल्ली राइट्स टेबल 2026, जिसमें भारत और विदेशों से आए कुल 85 प्रतिष्ठित प्रकाशकों और राइट्स विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस मंच का मुख्य उद्देश्य भारतीय पुस्तकों को वैश्विक पाठकों तक पहुँचाना और अनुवाद व प्रकाशन अधिकारों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना था।
राइट्स टेबल के दौरान भारतीय और विदेशी प्रकाशकों के बीच 600 से अधिक सीधी व्यावसायिक (B2B) बैठकें हुईं। इन बैठकों में विभिन्न भारतीय भाषाओं की पुस्तकों के अनुवाद अधिकार, अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समझौते और भविष्य की साझेदारियों पर गंभीर चर्चा हुई। इससे यह साफ संदेश गया कि भारतीय साहित्य अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी पहचान बना रहा है।
इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुवाद को बढ़ावा देने वाले वित्तीय सहायता कार्यक्रम की भी अहम भूमिका रही। इस कार्यक्रम के तहत भारतीय पुस्तकों के विदेशी भाषाओं में अनुवाद के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया गया, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के प्रकाशकों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखने का अवसर मिला।
प्रकाशन जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी B2B पहलें भारतीय लेखकों, अनुवादकों और प्रकाशकों के लिए नए अवसर खोलेंगी। साथ ही, इससे भारतीय संस्कृति, विचार और साहित्य को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में आयोजित ये दोनों B2B बैठकें भारतीय प्रकाशन उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हुईं और यह साबित किया कि भारत वैश्विक साहित्यिक परिदृश्य में एक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार है।