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Indian women shine at the Asian Games; after Neeru's historic gold, the 4x400m relay team also scripts golden history.
नई दिल्ली। नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के 10वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। मंगलवार का दिन खास तौर पर भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम रहा। निशानेबाजी में नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहीं किरण पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की टीम ने 4x400 मीटर महिला रिले में भारत को एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।भारत ने इस प्रदर्शन के साथ पदकों की संख्या में भी बड़ी छलांग लगाई। देश के खाते में 50 से ज्यादा पदक हो चुके हैं और भारत शीर्ष 10 में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है।
महिला ट्रैप शूटिंग में नीरू ढांडा ने खराब मौसम के बीच जबरदस्त धैर्य और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। लगातार बारिश और ठंड के बावजूद उन्होंने फाइनल में 28 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।नीरू की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों की महिला व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके प्रदर्शन ने भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
नीरू ढांडा का सफर भी उनकी उपलब्धि जितना ही खास है। हरियाणा की रहने वाली नीरू पिछले कुछ वर्षों से मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रह रही हैं और सेना में नायब सूबेदार के पद पर हैं।शूटिंग की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि महंगे शूटिंग उपकरण खरीदना मुश्किल था। शुरुआती दौर में उन्होंने खेत में रखे डिब्बों को निशाना बनाकर अभ्यास किया। उनके भाई लक्ष्य श्योराण के एशियाई खेलों में पदक जीतने से उन्हें भी शूटिंग में आने की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने कबड्डी छोड़कर निशानेबाजी को अपना करियर बनाया और वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी से जुड़ीं।
नीरू ढांडा के साथ आशिमा अहलावत और मनीषा कीर ने भी महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय तिकड़ी ने रजत पदक हासिल कर शूटिंग में भारत की पदक संख्या को और मजबूत किया।इस तरह नीरू के व्यक्तिगत स्वर्ण के साथ भारतीय महिला निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा में भी देश को पदक दिलाया।
शूटिंग के बाद एथलेटिक्स ट्रैक पर भी भारतीय महिलाओं ने इतिहास रच दिया। किरण पूवम्मा, प्राची चौधरी, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में शानदार दौड़ लगाते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड में रेस पूरी की। इस जीत के साथ एशियाई खेलों में एथलेटिक्स से भारत को पहला स्वर्ण पदक मिला। भारतीय धाविकाओं के इस प्रदर्शन ने पूरे देश को जश्न मनाने का मौका दिया।
लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने भी मंगलवार को अपना शानदार अभियान जारी रखा। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इससे पहले वह 1500 मीटर और 10 हजार मीटर स्पर्धा में भी पदक हासिल कर चुके हैं।5000 मीटर का पदक उनके एशियाई खेल अभियान का तीसरा पदक रहा।
महिलाओं की ऊंची कूद स्पर्धा में पूजा सिंह ने 1.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनके प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स टीम की पदक संख्या में एक और इजाफा हुआ।
4x100 मीटर मिक्स्ड रिले में भारतीय टीम ने भी पोडियम पर जगह बनाई। अनिमेष कुजूर, गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा शानुवाली और हरिता भद्रा की चौकड़ी ने 41.06 सेकंड में रेस पूरी कर कांस्य पदक जीता।भारतीय टीम ने इस प्रदर्शन के साथ 41.35 सेकंड के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। चीन ने 40.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण और थाईलैंड ने 40.87 सेकंड में रजत पदक जीता।
भारतीय रिले टीम के लिए मुकाबला आसान नहीं रहा। सेमीफाइनल हीट के दौरान बारिश के बीच बैटन बदलते समय अनिमेष कुजूर का पैर फिसल गया था। इसके बावजूद टीम ने मुकाबले में शानदार वापसी की और फाइनल में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए कांस्य पदक हासिल किया।जशपुर के रहने वाले अनिमेष के इस प्रदर्शन ने छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है।
एशियाई खेलों के 10वें दिन भारत ने कई खेलों में पदक हासिल किए। शूटिंग और एथलेटिक्स में महिला खिलाड़ियों के दो स्वर्ण पदकों ने इस दिन को खास बना दिया। इसके अलावा रजत और कांस्य पदकों के कारण भारत की कुल पदक संख्या भी 50 के पार पहुंच गई।भारतीय दल का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता जा रहा है और पदक तालिका में देश ने शीर्ष 10 में अपनी जगह कायम कर ली है।