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Industrial investment of over Rs 150 crore in Chhattisgarh, will provide employment to over 3500 people: Chief Minister Sai
रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार श्रम आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन किया। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसे रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और प्रदेश की समृद्धि का माध्यम बनाना है। नई औद्योगिक विकास नीति के तहत ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जो अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की नई इकाई छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। यहां विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक निवेश की सबसे सार्थक उपलब्धि युवाओं को रोजगार मिलना है। एक व्यक्ति को रोजगार मिलने से उसके पूरे परिवार को आर्थिक सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के अवसर सृजित करने की पहल के लिए यश ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश में अधिक से अधिक ऐसे उद्योग स्थापित हों, जो युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराएं। इससे पलायन कम करने, परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 में रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा सहित विभिन्न श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति को देश-विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब सरकार का जोर इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और परियोजनाओं को जल्द शुरू कराने पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए औद्योगिक विकास के साथ कौशल विकास, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उद्योगों की स्थापना और संचालन को सरल बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और जटिलताओं से राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन विश्वास से जुड़े सुधारों के तहत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की विशेष पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्ताव तेजी से लागू हों और उत्पादन के साथ रोजगार सृजन भी जल्द शुरू हो सके। सरकार का प्रयास है कि औद्योगिकीकरण का लाभ प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक पहुंचे और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिले।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को प्रमुखता दी गई है। अब निवेश को केवल पूंजी की राशि के आधार पर नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों के आधार पर भी देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की प्रस्तावित इकाई नई औद्योगिक नीति की इसी सोच का उदाहरण है। करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश से साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना महत्वपूर्ण है।
वित्त मंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास नीति तैयार करने में वित्त और उद्योग विभाग ने समन्वित रूप से काम किया है। रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक और आर्थिक विकास से प्राप्त संसाधनों का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को और सशक्त बनाने में किया जाएगा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि निवेश हितैषी नीतियों और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने यश ग्रुप की नई इकाई को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कंपनी प्रबंधन को बधाई दी।
यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ ए.एन. रविचंद्रन ने प्रस्तावित इकाई की गतिविधियों, उत्पादन योजनाओं और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण और राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि, कंपनी प्रबंधन के अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई औद्योगिक इकाई से क्षेत्र में निवेश और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने से औद्योगिक विकास का लाभ सीधे परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुंचेगा।