

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Iran's major announcement regarding the Strait of Hormuz... the maritime route will not fully open until US demands are met.
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान का कहना है कि ओमान के साथ सुरक्षित जहाजरानी व्यवस्था को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन इससे यह संकेत नहीं मिलता कि रणनीतिक समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोल दिया गया है।ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से सामान्य आवाजाही बहाल करने का फैसला अमेरिका के साथ जुड़े कई मुद्दों के समाधान पर निर्भर करेगा। ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी कई मांगें रखी हैं और उनका समाधान होने तक समुद्री मार्ग को लेकर मौजूदा स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं होने के संकेत दिए हैं।
ईरान की प्रमुख मांगों में युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, सैन्य दबाव और नाकाबंदी समाप्त करना तथा ईरान की जब्त संपत्तियों को वापस करना शामिल है।ईरान का कहना है कि इन मुद्दों पर ठोस प्रगति के बाद ही होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री आवाजाही को पूरी तरह सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद के बजाय मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहने की बात भी सामने आई है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए मार्ग की भौगोलिक संरचना और संचालन व्यवस्था को लेकर सहमति के करीब पहुंच गए हैं।हालांकि, दोनों देशों के बीच संयुक्त घोषणा से पहले कुछ तकनीकी पहलुओं पर सहमति बनना अभी बाकी है। बातचीत में सुरक्षित नौवहन के अलावा पर्यावरण संरक्षण, समुद्री सेवाओं और समुद्र में अपराध रोकने जैसे विषय भी शामिल हैं।ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाजों को उपलब्ध कराई जाने वाली समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाना असामान्य नहीं है। फिलहाल भुगतान से जुड़े मुद्दे बातचीत की प्राथमिकता में नहीं हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए इस जलमार्ग की अहम भूमिका है। ऐसे में यहां लंबे समय तक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है।रिपोर्टों के अनुसार, सप्ताहांत में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में और कमी दर्ज की गई। इससे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच यमन में हाउती और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र के यमन मामलों के विशेष दूत हांस ग्रंडबर्ग ने दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की है।रविवार को मोखा में हाउती हमले में नागरिकों और सैन्यकर्मियों के मारे जाने तथा कई लोगों के घायल होने की खबरों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से सभी पक्षों से ऐसी कार्रवाई से बचने की अपील की गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच सुरक्षित जहाजरानी व्यवस्था पर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन समुद्री मार्ग को पूरी तरह सामान्य करने के सवाल पर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बने हुए हैं।एक ओर ईरान अपनी शर्तों को लेकर स्पष्ट रुख अपना रहा है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में कमी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत इस पूरे संकट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।