

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Iran stakes claim to Strait of Hormuz; tensions in West Asia rise amidst Trump's ceasefire efforts.
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरान ने सोमवार को कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अभी भी उसका नियंत्रण कायम है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है।यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ करीब दो सप्ताह से चल रही सैन्य कार्रवाई को रोकने का दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत अच्छी चल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते की संभावना बन सकती है।ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के आग्रह पर ही बमबारी रोकी गई है।इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस बात की जानकारी मांगेंगे कि क्या रूसी सैटेलाइट पश्चिम एशिया में ईरान की किसी तरह मदद कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने को लेकर अभी कोई योजना नहीं है।अराघची ने यूक्रेन की ओर से कैस्पियन सागर में ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर किए गए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा।उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के तहत किया गया। इस मामले को लेकर उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी बातचीत की।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार कई रातों तक ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था।ट्रंप की ओर से अभियान रोकने के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले रोकने की बात कही थी। हालांकि सोमवार को सामने आए कुछ ड्रोन हमलों ने नए संघर्ष विराम की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक ने ड्रोन गतिविधियों की जानकारी दी है। जॉर्डन ने दो ड्रोन गिराने का दावा किया, जबकि इराक में एक हमले की जानकारी सामने आई। सऊदी अरब ने भी ईरान समर्थित समूहों की ओर से किए गए ड्रोन हमले को नाकाम करने की बात कही है।
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ देश लगातार प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू कराने और संघर्ष को रोकने की कोशिश की जा रही है।इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप की पहल का समर्थन किया है। हालांकि क्षेत्र में मौजूद गतिविधियों को देखते हुए यह साफ है कि युद्धविराम की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
ईरान ने कैस्पियन सागर में अपने व्यापारिक जहाज पर हुए हमले को गंभीरता से लिया है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस घटना का जवाब दिया जाएगा।ईरान का आरोप है कि इस हमले में यूक्रेन की भूमिका रही है, जबकि यूक्रेन की ओर से इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रयासों के साथ सैन्य गतिविधियों पर भी दुनिया की नजर बनी हुई है।