

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Iran war deepens oil crisis, jet fuel shortage poses major threat to flights
वॉशिंगटन। पेरिस ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल संकट गहराने लगा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि जेट फ्यूल का भंडार तेजी से घट रहा है और मौजूदा स्थिति में यह केवल लगभग छह हफ्तों तक ही पर्याप्त रह सकता है।
उड़ानों पर मंडरा रहा खतरा, यूरोप में रोजाना हजारों फ्लाइट रद्द होने की आशंका
यूरोपीय एयर ट्रैफिक एजेंसी यूरोकंट्रोल के अनुसार, अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो यूरोप में हर दिन करीब 30 हजार उड़ानों को रद्द करना पड़ सकता है। इसका मुख्य कारण जेट फ्यूल की आपूर्ति में बाधा है, क्योंकि यूरोप की लगभग 60 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज मार्ग से होती है।
युद्ध लंबा खिंचा तो वैश्विक विमानन क्षेत्र पर असर तय
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष लंबा चलता है, तो इसका असर सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा दोनों पर व्यापक असर पड़ेगा।
भारत से बातचीत, मैक्रों और मोदी ने जताई चिंता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस संकट को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने और समुद्री मार्गों पर आवाजाही को सुचारू रखने की जरूरत पर जोर दिया।
अमेरिका का बड़ा फैसला, रूस और ईरान से तेल खरीद पर छूट खत्म
इस बीच अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीदने पर दी गई छूट को समाप्त कर दिया है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति और प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में उछाल और संकट की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है मुश्किलें, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह संकट ऊर्जा, परिवहन और अर्थव्यवस्था तीनों क्षेत्रों पर बड़ा असर डाल सकता है। आने वाले समय में तेल की कीमतों में तेजी और हवाई यात्रा में बाधा जैसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।