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The rhetoric between Trump and Pope Leo XIV has escalated global tensions, sparking political turmoil from Iran to the Vatican.
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक नया विवाद सामने आया है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो 14वें के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मामला तब शुरू हुआ जब पोप ने अमेरिका की विदेश नीति, खासकर ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्षों पर शांति और संवाद की अपील की।इसके बाद ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पोप पर हमला किया और उन्हें अपराध पर नरम तथा विदेश नीति के मामले में कमजोर बताया।
ट्रंप का तीखा बयान, वेटिकन और व्हाइट हाउस को लेकर दिया विवादित संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं व्हाइट हाउस में हूं, इसलिए लियो वेटिकन में पोप हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि पोप लियो कट्टर वामपंथ के प्रभाव में काम कर रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि यदि वे राष्ट्रपति न होते, तो शायद पोप का चुनाव भी प्रभावित होता। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है।
पोप लियो का जवाब, युद्ध के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प
विवाद के बीच पोप लियो 14वें ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक टकराव में नहीं पड़ना चाहते। उन्होंने कहा कि वे राजनेता नहीं हैं, लेकिन युद्ध और हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज जारी रखेंगे।पोप ने कहा कि उनका उद्देश्य सुसमाचार के संदेश शांति, करुणा और संवाद को आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव या डर के बिना शांति के पक्ष में बोलते रहेंगे।
ईरान और वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया, ट्रंप की आलोचना तेज
इस विवाद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी प्रतिक्रिया दी और पोप के प्रति कथित अपमान पर ट्रंप की आलोचना की। उन्होंने इसे शांति और भाईचारे के खिलाफ बताया।इसके अलावा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए कहा कि पोप के खिलाफ इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है।भारत में फलस्तीन के राजदूत ने भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय नियमों और बहुपक्षीय व्यवस्था को कमजोर करती है।
एआई तस्वीर से और बढ़ा विवाद, ट्रंप की पोस्ट पर मचा हंगामा
विवाद के बीच ट्रंप ने एक एआई जनरेटेड तस्वीर भी साझा की, जिसमें उन्हें ईसा मसीह की तरह दिखाया गया था। तस्वीर में अमेरिकी झंडा, सैन्य विमान और धार्मिक प्रतीक शामिल थे, जिसे लेकर भारी आलोचना हुई।बढ़ते विवाद के बाद ट्रंप ने यह पोस्ट हटा दी, लेकिन तब तक मामला वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में आ चुका था।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा विवाद सिर्फ बयानबाजी नहीं बल्कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक कूटनीति की जटिलताओं को भी उजागर करता है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति इस विवाद से और अधिक संवेदनशील हो गई है।