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JPSC-JSSC Recruitment Dispute: Student leader Devendra Nath Mahto calls off hunger strike following Sonam Wangchuk's appeal; agitation continues into the 12th day.
रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। अभ्यर्थी पिछले 12 दिनों से सत्याग्रह और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे थे।
बुधवार को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और इनोवेटर सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से करीब 30 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की पूरी स्थिति, छात्रों की मांगों और देवेंद्र के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
वांगचुक ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने की सलाह देते हुए देवेंद्र की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई। उन्होंने उनसे अनशन समाप्त करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील भी की।
सोनम वांगचुक के अनुरोध के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने चार दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया और जल ग्रहण किया। बताया गया कि वह पिछले चार दिनों से अन्न और जल दोनों का त्याग कर आंदोलन कर रहे थे।
वीडियो कॉल के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का आग्रह किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि वांगचुक के समर्थन से छात्रों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाभियान के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन का बुधवार को 12वां दिन और भूख हड़ताल का चौथा दिन रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट कहा कि जब तक JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।