

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

JPSC paper leak controversy deepens in Jharkhand; preparations for nationwide protests underway; fresh allegations of irregularities in the investigation spark an uproar.
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने देशभर की करीब 1200 विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। वहीं, सीआईडी जांच में सामने आए कथित खुलासों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेपीएससी विवाद को लेकर झारखंड में छात्र संगठनों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी रहा। पलामू में छात्र न्याय सत्याग्रह संगठन ने रैली निकालकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की। दूसरी ओर, भूख हड़ताल से हटाए गए चारों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है।इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगा, जबकि झारखंड कांग्रेस ने भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया।
सीआईडी जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के एक कर्मचारी ने पूछताछ में दावा किया कि OMR शीट और ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में कथित छेड़छाड़ कर कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया।पूछताछ में यह भी दावा किया गया कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में लगभग 300 अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सफल कराया गया। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
सीआईडी ने मामले में JPSC के पूर्व सदस्य डॉ. जमाल अहमद से भी लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन एजेंसी को आयोग में काम मिलने की प्रक्रिया और कथित बिचौलियों से जुड़े आरोपों पर सवाल किए। डॉ. जमाल अहमद ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनका किसी भी बिचौलिए से कोई संबंध नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जांच का दायरा केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, बैकलॉग भर्ती, सीडीपीओ, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और एपीपी जैसी कई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी दावा किया गया है कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में अवैध तरीके से उत्तर लिखवाने और अंक बढ़ाने का प्रयास किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक इसके लिए किराये के फ्लैट में लोगों को बुलाकर उत्तर लिखवाने जैसी गतिविधियों के आरोप भी सामने आए हैं। इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मामले में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी जांच के दौरान सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि किसी भी अधिकारी की भूमिका पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।पूरे मामले में सीआईडी की जांच जारी है। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका रही और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।